भागलपुर : भागलपुर की अपेक्षा व अकांक्षाओं को जो साल 2018-19 के रेल बजट में शामिल किया, वह योजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकी. छोटी से लेकर बड़ी योजना-परियोजना मालदा रेल डिवीजन से इस्टर्न रेलवे और रेलवे बोर्ड के बीच घूमती रह गयी है. आइए जानें, क्या घोषणाएं हुई थी और उसका हश्र क्या रहा.
मॉडल स्टेशन
600 रेलवे स्टेशनों को हाइटेक बनाने की घोषणा हुई थी, जिसमें भागलपुर स्टेशन भी शामिल था. हाइटेक बनाने की योजना का विस्तार मालदा डिवीजन स्तर से नहीं हो सका. इसके मद्देनजर डीआरएम तनु चंद्रा केवल भागलपुर स्टेशन का चक्कर लगाती रह गयी.
वाइफाई-सीसीटीवी कैमरे
वाइफाई तो लगा मगर, सीसीटीवी कैमरे स्टेशन परिसर में शत-प्रतिशत नहीं लग सका. स्टेशन का अभी भी कई ऐसे कोने हैं, जो कैमरे के दायरे में नहीं है. सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे का लगना जरूरी है.
एस्केलेटर
बजट में ए-वन स्टेशन पर एस्केलेटर लगाने की घोषणा हुई थी. इस पर काम भी शुरू हुआ, लेकिन कार्य प्रगति इतनी धीमी है कि अब तक फाइनल नहीं हो सका है.
विद्युतीकरण
रेल लाइन का विद्युतीकरण कार्य चल रहा है. अभी तक पूरा नहीं हो सका है. फिलहाल, जमालपुर-भागलपुर के बीच विद्युतीकरण कार्य पूरा कर इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाने की कोशिश चल रही है. मालदा में ट्रायल लेने के महीनों बाद भी इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ नहीं सकी है. भागलपुर में तो अभी ट्रायल तक नहीं लिया जा सका है.
ट्रेनों की रफ्तार बढ़ना
बजट में मेल एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों को चलाने के बजाय ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के उपाय पर जोर देने की घोषणा हुई थी. विक्रमशिला एक्सप्रेस ऐसा सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन जो शायद ही किसी दिन समय से चली हो. दूसरी ट्रेनों का हश्र क्या होगा, यह खुद ही अनुमान लगा सकते हैं.
ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे
बजट में यह भी घोषणा हुई थी कि सुरक्षा के लिहाज से सभी ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे. यह घोषणा कागजों से धरातल पर उतर नहीं सकी है.
इस वर्ष व्यापारी प्रतिनिधियों की चाह
आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख से बढ़ा कर 3.0 लाख की जायेगी. आयकर की धारा 80सी के अंतर्गत छूट की सीमा बढ़ा कर दो लाख की जानी चाहिए. शिक्षा लोन पर भी पूर्व की भांति छूट मिलनी चाहिए. पिछड़े राज्यों में नये उद्योग लगाने पर कम से कम पांच सालों तक आयकर पर छूट मिलनी चाहिए. कृषि आधारित उद्योगों को आयकर में अलग से छूट मिलनी चाहिए, ताकि प्रति वर्ष बर्बाद होने वाली फल सब्जियों का और अधिक प्रसंस्करण हो सके.
सीए प्रदीप झुनझुनवाला, अध्यक्ष, इस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
महिला उद्यमियों के लिए आयकर में अलग से अधिक छूट का प्रावधान हो. आयकरदाताओं की बड़ी अपेक्षा है कि आय की छूट की सीमा ढाई लाख से बढ़ा कर चार लाख की जाये. धारा 80 सी में इंवेस्टमेंट की सीमा को डेढ़ लाख से बढ़ा कर ढाई लाख की जाये. शेयर मार्केट में निवेश करने वाले लोगों की मांग है कि शेयर पर लगने वाले दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ को शून्य किया जाये.
शैलेंद्र सराफ, अध्यक्ष, इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज
अंग क्षेत्र भागलपुर का विशेष ध्यान रखने का आग्रह है. भागलपुर बिहार की आर्थिक राजधानी है. भागलपुर के विकास से पड़ोसी राज्य बंगाल झारखंड को बड़ा लाभ होता है. हवाई सेवा, राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, तेजस जैसी ट्रेन यहां के विकास को तेजी से आगे बढ़ायेगी.
लालू शर्मा उर्फ संजीव कुमार शर्मा, सचिव, इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज
रियल इस्टेट क्षेत्र और उसके माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने की कोशिश करेंगे. रियल इस्टेट को उद्योग का दर्जा देकर वर्षों से आयी मंदी को दूर कर सकते हैं. निर्माणाधीन भवनों पर जीएसटी कम करके तथा स्टांप शुल्क को भी जीएसटी में समाहित करके ग्राहकों को बड़ी राहत दी जा सकती है.
इस क्षेत्र में मांग बढ़ेगी. सीमेंट सहित निर्माण सामग्रियों के जीएसटी दरों को कम करके भी राहत दे सकते हैं. रियल इस्टेट क्षेत्र में बढ़ोतरी का प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 300 उद्योगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. इसका लाभ राजस्व, रोजगार, निवेश आदि पर दिखेगा.
आलोक अग्रवाल, क्रेडाई भागलपुर
साल 2018-19 के अंतरिम बजट में भागलपुर के लोगों को रेलमंत्री पीयूष गोयल से काफी उम्मीद है. भागलपुर से चलने वाली सप्ताहिक एक्सप्रेस, यशवंतपुर, गरीब एक्सप्रेस, अजमेर, भागलपुर- सूरत, भागलपुर-एलटीटी को प्रतिदिन चलाया जाये व सभी में अविलंब पैंट्री कार जोड़ा जाये. भागलपुर से साहिबगंज तक लोकल पैसेंजर ट्रेन का फेरा बढ़ाया जाये. भागलपुर में मंडल कार्यालय खोला जाये. ट्रेनों में आये दिन हो रही घटना जैसे लूट, डकैती, जहरखुरानी, नशाखुरानी आदि वारदात की रोकथाम के लिए रेल प्रशासन सतर्क हो और इस मामले में कार्रवाई करे. यह मांगें हमेशा से उठाती रही है.
बिष्णु खेतान, केंद्रीय रेलवे रेल यात्री संघ
इधर, कोई सस्ती रसोई, तो किसी को महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा चाहिए
इस बार बजट में महिलाओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त प्रावधान होना चाहिए. आयकर के स्लैब को तीन से बढ़ा कर पांच लाख किया जाये. महिलाओं को उच्च शिक्षा व स्वरोजगार के लिए सस्ते ब्याज दर पर ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
डॉ दिव्या सिंह, कॉस्मेटोलॉजिस्ट
एक महिला यही चाहती है कि उसका महीनेभर का घर और रसोई का खर्च आराम से चले और यही उम्मीद इस बार भी आम बजट पर रहेगी. 1.84 करोड़ का बजट उनके विकास और सुरक्षा के लिए दिया था, इस बार हर महिला की आस अपने किचन के बजट से रहेगी.
दीपिका सिंह, गृहिणी
आगामी बजट में रसोई से संबंधित चीजों को और सस्ता करने की जरूरत है. सरकार रसोई गैस के दाम कम करेगी. महिलाओं को आयकर में विशेष छूट दी जाये. घरेलू बजट के लिए बजट में खास प्रावधान हो, ताकि महंगाई से मुक्ति मिल सके. महिला सुरक्षा के लिए खास इंतजाम हो.
छाया सिंह, गृहिणी
महिलाओं को शिक्षा व रोजगार के लिए विशेष प्रावधान लाया जाये. खासकर महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाया जाये. महिलाओं को सैद्धांतिक के साथ-साथ प्रायोगिक तौर पर आरक्षण मिले. महिलाओं के परिधान से जीएसटी हटाया जाये.
पूजा कुमारी, शिक्षिका
