संगलपुर : शहर का वर्तमान हवाई अड्डे पर अधिक से अधिक 25 सीटों वाले छोटे व हल्के विमान ही उड़ान भर सकते हैं. विमानन कंपनी से बड़े विमान के स्थायी परिचालन का कोई प्रस्ताव नहीं आया है. घनी आबादी में हवाई अड्डा के होने से विस्तारीकरण की भी संभावना नहीं है. इस कारण जिला मुख्यालय से 15 से 20 किमी की दूरी पर नये हवाई अड्डा बनाने के लिए रैयती जमीन को खरीदने की योजना है. इस बारे में मंत्रिमंडल सचिवालय के प्रधान सचिव को जमीन खरीद नीति की मंजूरी देने का अनुरोध पत्र गया है.
जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने बुधवार को डीआरडीए में आयोजित मासिक पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी. कहा, यहां व्यापारिक दृष्टि से हवाई अड्डा की सख्त आवश्यकता है. अगर जमीन खरीदने की नीति की मंजूरी मिली है, तो तलाश शुरू हो जायेगी. इसके लिए कम से कम 200 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी. उन्होंने कहा कि नया बस अड्डा बनाने के लिए पूर्व में सदर अनुमंडल पदाधिकारी स्तर से जमीन खोजने की सूचना है. इस दौरान सहायक जिलाधिकारी तरणजोत सिंह भी साथ थे.
लोहिया पुल के नीचे बनेगा पार्किंग स्थल
लोहिया पुल के नीचे सड़क को अतिक्रमण मुक्त किया जायेगा. इस स्थल पर पार्किंग स्थल बनाने का प्रस्ताव है. मालदा मंडल के डीआरएम को अनापत्ति का अनुरोध हुआ है. पार्किंग स्थल होने से यहां अवैध पार्किंग से मुक्ति मिल जायेगी.
अनुकंपा नीति पर होमगार्ड व लिपिक नीति की हुई पदोन्नति
काफी दिनों से लंबित पड़े होमगार्ड की अनुकंपा नीति पर बहाली की गयी. पिछले दिनों तृतीय संवर्ग के लिपिक को प्रधान लिपिक बनाने व चतुर्थ संवर्ग को तृतीय संवर्ग के रूप में पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है.
सूखा प्रभावित सात प्रखंड में बांटेंगे मुफ्त सरसों बीज
जिले के सात सूखा प्रभावित प्रखंड में आकस्मिक फसल योजना लागू होगी. इसके लिए सरसों की बीज आ गयी है, जिसका वितरण होगा. राशि देने के लिए किसानों की सूची बन रही है. उनके खाते में सीधे ट्रांसफर होगा. किसानों को रजिस्ट्रेशन कराने आगे आना होगा. वसुधा केंद्र के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करायें.
शहर के मुख्य रास्तों पर 300 करोड़ से लगेंगी कवर वायर
शहर के मुख्य रास्तों पर बिजली तार को कवर वायर में बदलने के लिए आइडीएसपी योजना है. इस योजना के तहत 300 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है. इसके शुरू होते ही कवर वायर लगेगा व बिजली हादसा रुकेगा.
ग्रामीण सड़क व एनएच के जुड़ाव स्थल पर बनेगा ब्रेकर
शहर में सड़क हादसे को रोकने के लिए वैसे सभी पथ जो राष्ट्रीय उच्च पथ या फिर पथ निर्माण के संपर्क में आते हैं, वहां पर गति अवरोधक यानि ब्रेकर का निर्माण होगा. कई जगहों पर ब्लैक स्पॉट चिह्नित किया गया है, जहां आये दिन हादसे होते रहते हैं.
