थोड़ी हुई सफाई, पर बहुत काम बाकी है

भागलपुर : शनिवार देर रात तक मायागंज स्थित विसर्जन घाट में 30 से अधिक मूर्तियों का विसर्जन गंगा नदी में किया गया. विसर्जन कार्यक्रम को खत्म हुए 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है. बावजूद अबतक विसर्जन घाट की साफ सफाई पूरी नहीं हो पायी है. नगर निगम ने घाट की सफाई की कोशिश […]

भागलपुर : शनिवार देर रात तक मायागंज स्थित विसर्जन घाट में 30 से अधिक मूर्तियों का विसर्जन गंगा नदी में किया गया. विसर्जन कार्यक्रम को खत्म हुए 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है. बावजूद अबतक विसर्जन घाट की साफ सफाई पूरी नहीं हो पायी है. नगर निगम ने घाट की सफाई की कोशिश की. लेकिन सफाई का काम थोड़ा हुआ है, जबकि घाट को स्वच्छ करने का बहुत काम बाकी है.
सोमवार को प्रभात खबर में प्रकाशित खबर को लेकर निगम प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ. साफ सफाई की खानापूर्ति कर सफाई कर्मी वहां से निकल लिये. विसर्जन घाट के जिस स्थान पर मूर्तियों का विसर्जन हुआ. वहां पर मूर्तियों के अवशेष को हटाया गया. जबकि घाट के अन्य हिस्से में स्थिति जस की तस है. घाट के चारों ओर पॉलीथिन, पूजन सामग्री, थर्मोकॉल व अन्य हानिकारक अवशिष्ट बिखरे पड़े हैं.
शहर में भी गंदगी : शहर में जगह-जगह कचरे का अंबार अभी भी है. सीएमएस स्कूल के कैंपस सहित अन्य इलाकों में कचरा के कारण लोगों को दिक्कत हो रही है.
पशुपालकों से परेशानी : गंगा में पशुपालकों द्वारा पशुअों को छोड़ देने के कारण जहां गंगा गंदी हो रही, वहीं सब घाट भी खतरनाक हो रहे हैं. लोगों ने इससे मुक्ति की मांग की है.
पॉलीथिन में हवन सामग्री डाल फेंक रहे गंगा में : गंगा नदी को साफ रखने की कोशिशों को लेकर शहर के आमलोगों का भी सहयोग नहीं मिल रहा है. लोग अवशेष को पॉलीथिन व प्लास्टिक की बोरियों में डाल कर नदी किनारे फेंकने पहुंच रहे हैं. सोमवार को यह नजारा दिनभर विसर्जन घाट, बूढ़ानाथ घाट समेत अन्य घाटों पर देखने को मिला. नदी किनारे स्थित कॉलोनियों के लोगों का कहना है कि फल, फूल, राख जैसे अवशिष्ट नदी को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं. लेकिन इसके साथ प्लास्टिक मिलाकर फेंकने से पानी जहरीला हो रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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