भागलपुर : विक्रमशिला सेतु पर पाया की मरम्मती को लेकर 28 सितंबर से 17 अक्तूबर तक ट्रैफिक व्यवस्था बाधित रहेगी. इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था के लिए मंगलवार को सदर एसडीओ आशीष नारायण की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई. मुख्य रूप से जीरोमाइल से विक्रमशिला सेतु के मरम्मत स्थल तक ऑटो व ई-रिक्शा के किराये के संबंध में चर्चा हुई. कहा कि स्टेशन चौक से जीरोमाइल तक 15 रुपये प्रति व्यक्ति किराया लिया जाता है. जीरोमाइल से सेतु पर मरम्मती स्थल तक जाने के लिए यात्री से पांच रुपये प्रति व्यक्ति किराया के निर्धारण का प्रस्ताव हुआ.
सदर एसडीओ ने बताया कि भागलपुर में प्रवेश के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पटना की ओर से आनेवाले सभी वाहन लखीसराय होते हुए जमुई आयेेंगे और जमुई से तारापुर होते हुए बांका-अमरपुर-भागलपुर या बांका से ढाका मोड़ होते हुए जगदीशपुर के रास्ते भागलपुर आयेंगे. इस संबंध में आज डीएम व एसएसपी अधिकारियों के साथ करेंगे बैठक और इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर अंतिम निर्णय होगा.
ट्रैफिक दुरुस्त के लिए ऑटो व ई-रिक्शा सेतु पर रहेंगे गतिशील
यह तय हुई व्यवस्था : विक्रमशिला सेतु के उक्त कार्य स्थल (लगभग 100 मीटर) के दोनों ओर ऑटो व ई-रिक्शा का परिचालन होगा. सेतु पर ऑटो, ई रिक्शा वाले यात्री के प्रतीक्षा में नहीं ठहरेंगे. ऑटो, ई-रिक्शा संघ अपने ऑटो, ई-रिक्शा को सेतु पर गतिशील रखेंगे, ताकि अनावश्यक यातायात की समस्या उत्पन्न न हो और परिचालन व्यवधान रहित बनी रहे.
यह रहा चैंबर ऑफ कॉमर्स का सुझाव
विक्रमशिला सेतु के मरम्मत कार्य स्थल से भागलपुर शहर की ओर लौटने वाले ऑटो, ई-रिक्शा सेतु पर यात्री काे उतार कर, बैठक कर वापस होने के दौरान टोल टैक्स बैरियर के बाद बरारी की ओर मुड़ने वाली रोड से शहर की ओर चले जायेंगे. इससे मुख्य सड़क पर जाम लगने की संभावना कम हो जायेगी.
यातायात प्रभारी ने दिये यह सुझाव
बड़े वाहन को जीरोमाइल से सेतु की तरफ जाने से रोकने के लिए सड़क के दोनों तरफ बैरियर लगाना होगा. सेतु के प्रारंभ स्थल से पहले महिला आइटीआइ के पास भी बैरियर की आवश्यकता है, जिससे यातायात नियंत्रित हो सके.
दाहिने तरफ ऑटो ई रिक्शा में रॉड मिला, तो जुर्माना
पूर्व में ऑटो, ई-रिक्शा की दायें ओर रॉड लगाया गया है. बचे हुए वाहनों में जल्द ही रॉड लगा दिया जायेगा. सदर एसडीओ ने कहा कि जिस भी ऑटो, ई-रिक्शा में रॉड नहीं लगा हुआ पाया जायेगा तो चालक से जुर्माना वसूलेंगे.
वाहन पड़ाव स्थल को अतिक्रमण मुक्त करेंगे
नगर प्रबंधक के प्रतिनिधि ने बताया कि, शहर में वाहन पड़ाव स्थल के आसपास के अतिक्रमण को कई बार हटाया गया, ताकि जाम की समस्या उत्पन्न नहीं हो. कुछ समय बाद फिर उन स्थल से अतिक्रमणकारी द्वारा अतिक्रमण कर लिया जाता है. यह ठेला पर सामान बेचने वाले, सड़क किनारे दुकान सजाकर सामान बेचने वाले के द्वारा किया जाता है. एसडीओ ने निर्देश दिया कि अतिक्रमण मुक्त करने के बाद दोबारा अतिक्रमण की स्थिति से संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना सुनिश्चित करें. अभियान चलाकर शहर को अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया.
चटकायी लाठियां, जान बचाकर भागे पैसेंजर
भागलपुर : लंबी प्रतीक्षा के बाद पूरब की ओर से जाने वाले यात्रियों को सोमवार शाम करीब पांच बजे जमालपुर-मालदा इंटरसिटी एक्सप्रेस मिली. प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के रूकते यह मिनट भर में भर गया. सीट की उपलब्धता से कई गुणा सवारी के कारण पैर रखने तक की यात्रियों को जगह नहीं मिली. बावजूद, इसके उतनी ही भीड़ प्लेटफॉर्म पर रही, जितनी सवारियों के चढ़ने पर ट्रेन में थी. यात्रियों के सामने बोगियां जब कम पड़ गयी तो इंजन पर सवार हो गये. चालक ने ट्रेन रोक दी और तत्काल इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों को दी गयी. इसके बाद रेल पुलिस ने पहुंच कर लाठियां चटकानी शुरू कर दीं. इन हालात में यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गयी. इंजन पर यात्रियों ने छलांग लगाना शुरू कर दिया.
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हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुए मगर, कुछ देर के लिए इंजन पर यात्री नजर नहीं आये. लेकिन, जब ट्रेन खुलने को तैयार हुई, तभी फिर से यात्रियों ने इंजन पर अपनी जगह बना ली. जान जोखिम में डालकर पूरब के स्टेशन घोघा, एकचारी, कहलगांव, विक्रमशिला, पीरपैंती, साहिबगंज आदि के लिए यात्रियों ने सफर शुरू की. बोगियों का भी हाल कुछ ठीक नहीं रहा. पैर रखने की जगह जब नहीं मिली, तो पायदान पर कर लटक गये.
भागलपुर से जाने वाले हजारों यात्रियों ने इंजन और पायदान पर लटकर यात्रा की. पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद नहीं मानने वाले यात्रियों को रेलवे के गार्ड और ड्राइवर द्वारा भी इंजन से नीचे उतराने की कोशिश बेकार गयी. ट्रेन सवारियों से ठसाठस भरकर चली गयी. यह ट्रेन जमालपुर से खुला करती है मगर, नन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते इस ट्रेन को सुलतानगंज से मालदा के बीच चलायी जा रही है.
