भागलपुर : ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन आॅफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर शहर के दवा दुकानदारों ने काला बिल्ला लगा कर अपनी दुकानें खोली. 27 सितंबर तक काला बिल्ला लगा कर विरोध प्रदर्शित करेंगे. भागलपुर केमिस्टस एंड ड्रगिसट एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम कोटरीवाल, सचिव प्रशांत लाल ठाकुर, संगठन सचिव प्रदीप जैन ने दवा दुकानदारों के आंदोलन का संचालन किया.
उन्होंने बताया कि दवा व्यापार में इ-फार्मेसी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 28 अगस्त को अधिसूचना जारी की गयी है, जिसका दवा दुकानदार विरोध कर रहे हैं. दुकानदारों ने कहा कि राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन द्वारा दिसंबर 2017 तक खुदरा दवा दुकानों के लिए निर्गत अनुज्ञप्ति के अनुपात में फार्मासिस्ट की कमी को सरकार द्वारा पूरा करने की व्यवस्था की जाये.
तब तक इस नियम की बात कह कर विभागीय उत्पीड़न बंद किया जाये. संगठन सचिव प्रदीप जैन ने बताया कि निम्न आय वाले उपभोक्ता अपनी स्थिति के अनुसार दवा खरीदते हैं, उन्हें ऑनलाइन फार्मेसी से यह सुविधा उपलब्ध नहीं हो पायेगी. ई-फार्मेसी से जीवन रक्षक दवाओं को उपलब्ध करने में दिक्कत होगी. वर्षों से केमिस्ट संगठन ने कई बार सरकार को स्थिति से अवगत कराया, फिर भी फार्मेसिस्ट संस्थान को न तो विकसित किया गया और न ही इसका समाधान किया गया. सरकार यदि पहल नहीं करेगी, तो 90 प्रतिशत दवा दुकान बंद होने की कगार पर पहुंच जायेगी.
28 को देशव्यापी बंद, मरीजों को होगी परेशानी. 28 सितंबर को देशव्यापी बंद के तहत भागलपुर में भी दवा दुकानें बंद रहेगी. इससे मरीजों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ेगा. हालांकि सरकारी स्तर पर दवा की सुविधा मरीजों के लिए उपलब्ध रहेगी. फिर भी 60 फीसदी मरीज निजी दुकानों से खरीदने को विवश हैं.
