भागलपुर जिले के हबीबपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत करोड़ी बाजार से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां महज 12 वर्ष की एक नाबालिग बच्ची ने मौसी के घर न जाने देने की छोटी सी बात पर नाराज होकर फांसी का फंदा लगा लिया.
परिजन आनन-फानन में बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इस अप्रत्याशित हादसे के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है.
मौसी के घर जाने की जिद पर मां ने लगाई थी डांट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका बुधवार की शाम अपनी मां से मौसी के घर जाने की जिद कर रही थी. मां ने उस समय किसी कारणवश उसे मौसी के घर भेजने से मना कर दिया और समझा-बुझाकर शांत रहने को कहा.
मां के इनकार करने के बाद बच्ची थोड़ी देर के लिए खामोश हो गई और घर की सीढ़ियों के पास जाकर चुपचाप बैठ गई. इसी बीच उसकी मां घरेलू सामान खरीदने के लिए कुछ देर के लिए पास के बाजार चली गई.
बाजार से लौटी मां तो कमरे में फंदे से झूलती मिली मासूम
थोड़ी देर बाद जब मां बाजार से सामान लेकर घर वापस लौटी, तो बच्ची सीढ़ियों के पास नहीं दिखी. अनहोनी की आशंका में जब परिजनों ने घर के कमरों में उसकी तलाश शुरू की, तो कमरे के अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए.
बच्ची कमरे के भीतर फंदे से लटकी अचेत अवस्था में पाई गई. परिजनों ने चीख-पुकार मचाते हुए उसे तुरंत फंदे से नीचे उतारा और आनन-फानन में इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) ले गए. अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के उपरांत ही बच्ची को मृत घोषित कर दिया. बताया गया है कि मृतका के पिता पेशे से दर्जी हैं और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं.
मायागंज में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव
अस्पताल में बच्ची की मौत की सूचना मिलते ही मायागंज अस्पताल स्थित बरारी कैंप थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक विधिक प्रक्रिया शुरू की. पुलिस ने गुरुवार दोपहर बाद शव का विधिवत पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया और फिर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया.
वहीं घटना को लेकर मृतका की मां के फर्दबयान के आधार पर हबीबपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है. स्थानीय पुलिस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है कि कहीं इस दुखद कदम के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं था.
