भागलपुर : अंग्रेजों के समय में बने भवन में सदर अस्पताल चल रहा है. छत से दीवार चिप्पी के दम पर टिकी है. अब यहां खतरा का खतरा उत्पन्न हो गया है. आये दिन कभी मशीन में करंट दौड़ जाती है तो कभी चिंगारी उठने लगती है. इस संकेत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन चेतने का नाम नहीं ले रहा है. लापरवाही का आलम यह है की अस्पताल प्रबंधन रोगी को करंट से बचाने के लिए कुर्सी का सहारा ले रहा है.
सदर अस्पताल का ओपीडी भवन के अंदर शिशु रोग विभाग के पास मैन स्वीच लगा है. इसके साथ कई और बिजली को नियंत्रित करने वाला उपकरण भी लगाया गया है. यहां का तार अस्त व्यस्त है. तार में कोई सटे नहीं इसके लिए चार कुर्सी जोड़ कर लगा दिया गया है.
भवन में लगा वायरिंग भी अस्त-व्यस्त है. जो हादसे का गवाह बन सकता है.
बिजली बोर्ड का कवर खुला रहता है. सर्जरी वार्ड में भी बिजली अस्त व्यस्त है. बिजली का वायरिंग दीवार छोड़ रहा है. तार आपस में उलझा है. कई तार जो दीवार पर लटका है मरीजों के लिए खतरा पैदा कर रहा है. हालांकि इस परेशानी को रोज चिकित्सक देखते हैं, लेकिन कोई भी इस पर ध्यान नहीं दिया है.
अस्पताल का बिजली मिस्त्री रहता है गायब
अस्पताल में कार्यरत नर्स की मानें तो बिजली तार के कारण परेशानी होती है. वार्ड में लगे पंखे का स्वीच कभी बंद हो जाता है, तो कभी तार से धुआं आने लगता है. कई बार यहां काम करने वाले मिस्त्री से कहा गया है, लेकिन वह उनकी बात ही नहीं सुनता. मरीजों की भीड़ होने पर हमारा ध्यान बिजली तार पर ही लगा रहता है. पता नहीं यह तार कब मरीजों के साथ-साथ हमें खतरे में डाल दे.
