West Champaran News: वासगीत जमीन और बाढ़ राहत की मांग को लेकर सोमवार को नवलपुर क्षेत्र के सिसवाकुटी, मांधातापुर, कलेया और छोटा चौमुखा गांव की सैकड़ों महिलाएं योगापट्टी अंचल कार्यालय पहुंचीं. महिलाओं ने प्रदर्शन करते हुए अंचल प्रशासन को आवेदन सौंपा और भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने के साथ बाढ़ प्रभावित परिवारों के सर्वे और राहत की मांग की.
चार गांवों की महिलाएं अंचल कार्यालय पहुंचीं
सिसवाकुटी, मांधातापुर, कलेया और छोटा चौमुखा से बड़ी संख्या में महिलाएं एकजुट होकर अंचल कार्यालय पहुंचीं. मालती देवी, गीता देवी, मुनिया देवी, चंदा देवी और फूलकली देवी समेत महिलाओं ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं.
महिलाओं का कहना था कि लंबे समय से भूमिहीन परिवारों को वासगीत जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई है. इसके कारण उन्हें हर साल विस्थापन की समस्या का सामना करना पड़ता है.
वासगीत जमीन नहीं मिलने से हर साल विस्थापन की परेशानी
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि स्थायी जमीन के अभाव में उनके परिवारों का जीवन असुरक्षित बना हुआ है. बाढ़ आने के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है. महिलाओं ने प्रशासन से भूमिहीन परिवारों को जल्द वासगीत जमीन उपलब्ध कराने की मांग की.
उन्होंने कहा कि जमीन मिलने से परिवारों को स्थायी आशियाना बनाने का आधार मिलेगा और हर वर्ष होने वाले विस्थापन से राहत मिल सकेगी.
हाल की बाढ़ में घर और फसल का हुआ नुकसान
महिलाओं ने बताया कि हाल की बाढ़ के दौरान कई घरों में पानी घुस गया था. इससे घर में रखा घरेलू सामान और खेतों में लगी फसल बर्बाद हो गई. बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है.
महिलाओं ने मांग की कि प्रशासन प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करे.
राहत सामग्री और सहायता राशि देने की मांग
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ सहायता राशि देने की मांग की. उनका कहना था कि बाढ़ के कारण रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है.
महिलाओं ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को जल्द राहत पहुंचाने की अपील की.
कई बार आवेदन के बाद भी समाधान नहीं होने का आरोप
महिलाओं ने आरोप लगाया कि वासगीत जमीन और राहत से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहले भी कई बार आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अधिकारी उनकी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दे रहे हैं. उन्होंने प्रशासन से मामले में गंभीरता दिखाते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की.
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