पश्चिम चंपारण के 57 गांवों का नक्शा-खतियान तैयार, अब रैयत अपने नाम से करा सकेंगे जमाबंदी

पश्चिम चंपारण जिले में विशेष भूमि सर्वेक्षण का पहला चरण पूरा हो गया है। 57 गांवों के नक्शे और खतियान प्रकाशित किए गए हैं, जिससे रैयतों के लिए जमाबंदी कराना आसान होगा। शेष गांवों में भी प्रक्रिया जारी है।

Bettiah News: राज्य सरकार के निर्देश पर पश्चिम चंपारण जिले में विशेष भूमि सर्वेक्षण का कार्य जारी है. पहले चरण में चार अंचलों के 281 गांवों में खानापूरी का काम पूरा किया जा चुका है. सर्वेक्षण के दौरान तैयार नक्शे के आधार पर खेसरा नंबरों को क्रमवार दर्ज करने के साथ रैयत, खेसरा, दखल और जमीन से संबंधित अन्य आवश्यक विवरण अभिलेख में दर्ज किये जाते हैं.

पहले चरण के 281 गांवों में से 57 गांवों या मौजों का प्रपत्र-25 प्रकाशित किया जा चुका है. इसके तहत नक्शा और खतियान तैयार कर संबंधित अंचलों को उपलब्ध करा दिया गया है. वहीं, शेष 224 मौजों में प्रपत्र-25 तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है.

57 मौजों में प्रपत्र-25 प्रकाशित

विशेष भूमि सर्वेक्षण के पहले चरण में चार अंचलों के 281 गांवों में खानापूरी का कार्य पूरा किया गया है. इनमें से 57 गांवों या मौजों का प्रपत्र-25 प्रकाशित हो चुका है.

प्रपत्र-25 के तहत तैयार नक्शा और खतियान संबंधित अंचलों को उपलब्ध कराया गया है. इसके आधार पर संबंधित रैयत अपने नाम से जमाबंदी सृजित करा सकेंगे. शेष 224 मौजों में भी प्रपत्र-25 तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है.

224 मौजों में अभिलेख तैयार करने का काम जारी

शेष 224 मौजों में प्रपत्र-25 तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित अंचलों को नक्शा और खतियान उपलब्ध कराया जायेगा.

सर्वेक्षण के दौरान जमीन से संबंधित विवरण को अभिलेख में व्यवस्थित तरीके से दर्ज किया जा रहा है. खानापूरी की प्रक्रिया में रैयत, खेसरा, दखल और भूमि से जुड़े अन्य विवरण शामिल किये जाते हैं.

13 अंचलों में किश्तवार और खानापूरी जारी

जिले के शेष 13 अंचलों में त्रिसीमाना और ग्राम सीमा सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका है. अब इन अंचलों में किश्तवार और खानापूरी का काम जारी है.

इस प्रक्रिया के तहत पूर्व के रिविजनल सर्वे में दर्ज खाता-खेसरा में वर्तमान में विभाजित भूखंडों का विवरण दर्ज किया जा रहा है. खानापूरी पूरी होने के बाद तैयार अभिलेखों में जमीन के स्वामित्व और कब्जे से संबंधित विवरण व्यवस्थित रूप से दर्ज किये जायेंगे. इसके आधार पर आगे अधिकार अभिलेख तैयार होंगे.

बेतिया अंचल में फिलहाल नहीं हो रहा सर्वे

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश के अनुसार पहले चरण में नगर निकायों से जुड़े अंचलों में विशेष भूमि सर्वेक्षण नहीं किया जा रहा है.

ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वेक्षण का कार्य पूरा होने के बाद नगर निकाय क्षेत्रों के लिए अलग से भूमि सर्वेक्षण शुरू किया जायेगा. फिलहाल ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे सर्वेक्षण और अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है.

रैयतों से दस्तावेज जमा करने की अपील

जिला बंदोबस्त पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने रैयतों से विशेष भूमि सर्वेक्षण को लेकर जागरूक रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि जिन रैयतों ने अब तक जमीन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराये हैं, वे संबंधित शिविर में दस्तावेज जमा कर सकते हैं.

उन्होंने बताया कि रैयतों से प्राप्त दस्तावेजों को सर्वेक्षण अभिलेख में शामिल किया जायेगा. संबंधित अंचलों में दस्तावेज लेने और सर्वेक्षण से जुड़ी प्रक्रिया जारी है.


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लेखक के बारे में

By अवध किशोर तिवारी

अवध किशोर तिवारी तीन दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इन्होंने हिंदी दैनिक राष्ट्रीय सहारा के दिल्ली संस्करण से करियर की शुरुआत की. वर्तमान में वर्ष 2018 से प्रभात खबर के बेतिया ब्यूरो कार्यालय से जुड़े हैं. सामाजिक, अपराध, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है

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