अक्टूबर में फिर गुलजार होगा वाल्मीकिनगर, जंगल सफारी शुरू होते ही उमड़ेंगे सैलानी

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) अक्टूबर से नए पर्यटन सत्र के लिए तैयार है. मानसून के बाद बंद जंगल सफारी फिर से शुरू होगी, जिससे सैलानियों को वन्यजीवों के रोमांच का अनुभव मिलेगा.

West Champaran News: वाल्मीकिनगर. मानसून के दौरान पर्यटन गतिविधियों पर लगी बंदी के बाद वाल्मीकि टाइगर रिजर्व यानी VTR एक बार फिर सैलानियों के स्वागत की तैयारी में जुट गया है. अक्टूबर से नए पर्यटन सत्र की शुरुआत होने की उम्मीद है. इसके साथ ही पिछले कुछ महीनों से बंद जंगल में फिर जंगल सफारी का रोमांच लौटने की संभावना है. पर्यटन सीजन शुरू होने की आहट से होटल संचालक, गाइड, जिप्सी चालक और दुकानदारों में उत्साह है और तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं.

अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद नया पर्यटन सत्र

मानसून के दौरान जंगल के रास्ते दलदली और दुर्गम हो जाने के कारण पर्यटन गतिविधियां बंद रहती हैं. अब बारिश का दौर समाप्त होने के बाद नए पर्यटन सत्र की तैयारी शुरू हो गयी है.

अक्टूबर से सैलानियों के लिए जंगल और उससे जुड़े पर्यटन स्थलों को फिर से आकर्षण का केंद्र बनाने की उम्मीद है. पर्यटन गतिविधियां शुरू होने के साथ स्थानीय कारोबार को भी गति मिलने की संभावना है.

जंगल सफारी में फिर दिखेगा वन्यजीवों का रोमांच

VTR में आने वाले पर्यटकों के लिए जंगल सफारी सबसे खास आकर्षण में शामिल है. जिप्सी से जंगल के भीतर सफारी के दौरान प्राकृतिक परिवेश में वन्यजीवों को करीब से देखने का रोमांच सैलानियों को आकर्षित करता है.

वीटीआर के जंगलों में बाघ, तेंदुआ, हिरण, गौर, नीलगाय और भालू समेत कई वन्यजीवों का बसेरा है. इनमें बंगाल टाइगर पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र माना जाता है.

गंडक जलाशय और जंगल-पहाड़ का संगम भी खास

वाल्मीकिनगर पहुंचने वाले सैलानियों के लिए गंडक बराज का विशाल जलाशय भी प्रमुख आकर्षण है. झील की तरह दिखाई देने वाला जलाशय, आसपास के जंगल और पहाड़ का संगम क्षेत्र की प्राकृतिक खूबसूरती को और खास बनाता है.

प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए भी यह क्षेत्र पसंदीदा पर्यटन स्थल माना जाता है. जंगल सफारी के साथ प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को अलग अनुभव देते हैं.

आस्था और प्रकृति का अनूठा संगम

VTR की खासियत सिर्फ वन्यजीव पर्यटन तक सीमित नहीं है. यहां धार्मिक पर्यटन भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है. वाल्मीकि आश्रम, जटाशंकर महादेव मंदिर और नरदेवी माता मंदिर श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं.

इसके अलावा स्थानीय जनजातीय समूहों की लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी पर्यटकों को क्षेत्र की परंपरा और संस्कृति से परिचित कराती हैं.

पर्यटन से स्थानीय कारोबार को मिलेगी रफ्तार

अक्टूबर में पर्यटन सत्र शुरू होने की उम्मीद के साथ स्थानीय कारोबारियों में भी उत्साह है. होटल संचालक, गाइड, जिप्सी चालक और दुकानदार नए सत्र के लिए अपनी तैयारियां कर रहे हैं.

पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से होटल, परिवहन, सफारी और स्थानीय बाजार से जुड़े कारोबार को गति मिलने की उम्मीद है. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं.

पर्यटन सत्र से रोजगार बढ़ने की उम्मीद

वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि अक्टूबर में पर्यटन सत्र शुरू होने से पर्यटन से जुड़े विभिन्न कारोबारों में तेजी आने की उम्मीद है. जंगल सफारी, होटल, परिवहन और स्थानीय बाजारों के सक्रिय होने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी.

VTR के नए पर्यटन सत्र को लेकर स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बार ज्यादा संख्या में सैलानी वाल्मीकिनगर पहुंचेंगे और क्षेत्र के पर्यटन कारोबार को मजबूती मिलेगी.

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By Prabhat khabar news desk

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