बगहा: विजय साहनी हत्याकांड में अशोक यादव को उम्रकैद, एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा

रामपुर के चर्चित विजय साहनी हत्याकांड में कोर्ट ने एक और दोषी अशोक यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. संपत्ति के लालच में रची गई इस हत्या के मामले में पहले भी पांच दोषियों को उम्रकैद हो चुकी है. जानिए इस हत्याकांड से जुड़े सभी अहम बिंदु.

बगहा: रामनगर के चर्चित विजय साहनी हत्याकांड में अदालत ने शुक्रवार को एक और दोषसिद्ध अभियुक्त अशोक यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनायी. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने अशोक यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 के तहत सात वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है.

अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर दोनों धाराओं में अलग-अलग छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा. अदालत ने जेल में बितायी गयी निरोध अवधि को सजा की अवधि में समायोजित करने का आदेश दिया है.

पोखरा विवाद सुलझाने के बहाने विजय को बुलाया गया था

यह मामला रामनगर थाना कांड संख्या 189/2022 से जुड़ा है. घटना एक मई 2022 की है. मृतक विजय साहनी की पत्नी आशा देवी ने 4 मई को प्राथमिकी दर्ज करायी थी.

अभियोजन के अनुसार, विजय साहनी को पोखरा विवाद सुलझाने के बहाने फोन कर बुलाया गया था. वह बाइक से घर से निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे. परिजनों ने काफी तलाश के बाद पुलिस को सूचना दी.

सात दिन बाद जंगल में गड्ढे से मिला था शव

घटना के करीब सात दिन बाद आरोपी महफूज अंसारी और तेतर राम की निशानदेही पर गोवर्धना जंगल में एक गड्ढे से विजय साहनी का शव बरामद किया गया. शव की पहचान अंगूठी और घड़ी से हुई.

जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया.

10 गवाहों ने कोर्ट में दी गवाही

अभियोजन पक्ष ने 10 गवाहों को कोर्ट में पेश किया. इनमें मृतक की पत्नी आशा देवी, बेटे राहुल कुमार साहनी, चिकित्सक डॉ. विनय कुमार और अनुसंधानकर्ता संतोष कुमार जायसवाल प्रमुख थे.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट, कॉल डिटेल, मोबाइल और बाइक समेत अन्य साक्ष्यों को भी अदालत के समक्ष रखा गया.

पांच सितंबर को पांच दोषियों को हुई थी उम्रकैद

इससे पहले पांच सितंबर को इसी मामले में महफूज अंसारी, राजकिशोर महतो, तेतर राम उर्फ साधु, श्री मुशहर और गीता देवी को भी आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी थी.

एपीपी जितेंद्र भारती के अनुसार, संपत्ति के लालच में गीता देवी ने अपने भाई विजय साहनी की हत्या की साजिश रची थी.

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By Israel ansari

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