Bagaha Court News: बगहा व्यवहार न्यायालय ने करीब 10 साल पुराने मारपीट और जानलेवा हमला मामले में गुरुवार को अहम फैसला सुनाया. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने प्रमोद प्रसाद और बिल्लू प्रसाद उर्फ राहुल कुमार को विभिन्न धाराओं में दोषी करार दिया.
वहीं कौशल्या देवी, गुड्डू प्रसाद उर्फ राजकुमार और मुखी देवी उर्फ प्रियंका देवी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया.
6 अगस्त को होगी सजा पर सुनवाई
अदालत ने दोषी करार दिए गए दोनों आरोपितों की सजा पर सुनवाई के लिए 6 अगस्त 2026 की तारीख तय की है.
उधर, अपर लोक अभियोजक जितेंद्र भारती ने बताया कि जिन तीन आरोपितों को दोषमुक्त किया गया है, उनके खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की जाएगी.
2016 में भूमि विवाद को लेकर हुआ था हमला
अभियोजन के अनुसार, यह मामला 7 अप्रैल 2016 का है. आरोप है कि भूमि विवाद को लेकर आरोपित संतोष यादव के घर पहुंचे और लाठी, फरसा तथा अन्य हथियारों से हमला कर दिया.
प्राथमिकी के अनुसार, घटना के दौरान फायरिंग भी हुई थी, जिसमें एक बच्चे को चोट लगी थी. मारपीट में कई अन्य लोगों के घायल होने का भी उल्लेख किया गया था.
घटना के बाद चौतरवा थाना कांड संख्या 100/2016 दर्ज किया गया और पुलिस ने अनुसंधान के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया.
सात गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों पर हुई सुनवाई
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों की गवाही कराई. इसके अलावा न्यायालय के समक्ष चिकित्सीय साक्ष्य, जख्म प्रतिवेदन, प्राथमिकी, गिरफ्तारी संबंधी दस्तावेज और अन्य अभिलेख प्रस्तुत किए गए.
बचाव पक्ष ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए आरोपितों को निर्दोष बताया, लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दो आरोपितों के खिलाफ आरोप सिद्ध माना.
अब सजा के फैसले पर टिकी हैं नजरें
दोषसिद्धि के बाद अब इस बहुचर्चित मामले में सभी की निगाहें 6 अगस्त 2026 को होने वाली सजा की सुनवाई पर हैं. उसी दिन अदालत दोषी करार दिए गए दोनों आरोपितों की सजा पर अंतिम फैसला सुनाएगी.
