बेतिया. नौ वर्ष पूर्व हुई हत्या के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए एडीजे अष्टम अशोक कुमार मांझी ने तीन अभियुक्तों को दोषी पाते हुए उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई है. साथ ही प्रत्येक के ऊपर दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है. सजायाफ्ता लौरिया थाना क्षेत्र के जवाहिरपुर गांव के दिनेश महतो, दीनानाथ यादव तथा अमरेश महतो हैं.
अपर लोक अभियोजक सह एससी एसटी एक्ट के प्रभारी विशेष लोक अभियोजक विजय बहादुर सिंह ने बताया कि घटना 12 मई वर्ष 2015 की है. घटना की रात उसी गांव के अभय कुमार तिवारी अपने भाई विजय कुमार तिवारी के साथ खाना खाकर बरामदा में बैठे थे. कुछ देर बाद अभय कुमार तिवारी सोने चले गए. तभी बाहर से जोर-जोर की आवाज सुनकर वह बाहर निकले तो देखें की सभी अभियुक्त गण मिलकर उनके भाई विजय तिवारी को मारपीट कर रहे हैं. सभी अभियुक्त उनके भाई को उठाकर अपने घर ले गए और एक कमरे में बंद कर दिया. तभी सूचक के द्वारा हल्ला करने पर अगल-बगल के लोग वहां आए. लोगों के द्वारा दरवाजा खुलवाने पर लोगों ने देखा कि विजय कुमार तिवारी खून से लथपथ पड़ा हुआ है. जिसे इलाज के लिए पीएचसी लाया गया, जहां से विजय कुमार तिवारी को एमजेके अस्पताल बेतिया रेफर कर दिया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. इसी मामले को लेकर लौरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. इसी मामले की सुनवाई पूरी करते हुए न्यायाधीश ने तीनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए उन्हें यह सजा सुनाई है.
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