बेतिया में 25 साल पुराने भोला शर्मा हत्याकांड मामले में तीन दोषियों को सजा, शंभू शर्मा को 7 साल का कठोर कारावास

बेतिया न्यायालय ने 25 वर्ष पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया है. शंभू शर्मा को 7 साल की कठोर कारावास और जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है. इस फैसले से करीब ढाई दशक पुराने प्रकरण का न्यायिक निपटारा हुआ है.

Bettiah News: गैर इरादतन हत्या के करीब 25 वर्ष पुराने मामले में बेतिया न्यायालय ने तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए अलग-अलग धाराओं में कठोर कारावास की सजा सुनायी है. जिला अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय योगेश कुमार गोयल की अदालत ने सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सोमवार को फैसला सुनाया.

मामला नौतन थाना क्षेत्र के धुमनगर गांव से जुड़ा है. न्यायालय ने शंभू शर्मा, राजेन्दर शर्मा और गोकुल शर्मा को दोषी पाया. तीनों पर वर्ष 2001 में खेत में फसल बर्बाद करने से रोकने के दौरान हमला करने का आरोप था, जिसमें भोला शर्मा की इलाज के दौरान मौत हो गयी थी.

शंभू शर्मा को सात वर्ष, दो अन्य को पांच और चार साल की सजा

न्यायालय ने शंभू शर्मा को भादवि की धारा 304 पार्ट-2 के तहत सात वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी.

वहीं राजेन्दर शर्मा को धारा 326 के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गयी. गोकुल शर्मा को धारा 325 के तहत चार वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी गयी.

तीनों अभियुक्तों को भादवि की धारा 323 में भी दोषी पाते हुए छह-छह माह के कठोर कारावास और 500-500 रुपये जुर्माने की सजा दी गयी.

2001 में खेत में फसल बर्बाद करने को लेकर हुआ था विवाद

अपर लोक अभियोजक कन्हैया प्रसाद के अनुसार मामले के सूचक मृतक भोला शर्मा के भाई बसंत शर्मा हैं. घटना दो सितंबर 2001 की है.

अभियोजन के अनुसार, बसंत शर्मा की भौजाई ने उन्हें बताया था कि आरोपित उनके खेत की फसल को कोड़कर बर्बाद कर रहे हैं. सूचना मिलने के बाद बसंत शर्मा अपने बड़े भाई भोला शर्मा और चचेरे भाई खेदू शर्मा के साथ खेत पर पहुंचे.

उन्होंने आरोपितों को फसल बर्बाद करने से रोकने की कोशिश की. इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया.

लाठी-रॉड से हमला, इलाज के दौरान भोला शर्मा की मौत

अभियोजन के अनुसार, विवाद के दौरान शंभू शर्मा ने भोला शर्मा के सिर पर लाठी से प्रहार किया. वहीं राजेन्दर शर्मा और गोकुल शर्मा ने रॉड और लाठी से हमला किया.

हमले में भोला शर्मा समेत अन्य लोग घायल हुए. सभी घायलों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान भोला शर्मा की मौत हो गयी.

घटना के बाद पुलिस ने बसंत कुमार शर्मा के फर्दबयान के आधार पर नौतन थाना कांड संख्या 210/2001 दर्ज किया था.

जुर्माने की राशि मृतक के उत्तराधिकारियों को मिलेगी

करीब 25 वर्ष तक चले इस मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को अलग-अलग धाराओं में दोषी करार दिया.

फैसले में न्यायालय ने जुर्माने की राशि मृतक भोला शर्मा के वैध उत्तराधिकारियों को भुगतान करने का आदेश भी दिया है. मामले में न्यायालय के फैसले के बाद करीब ढाई दशक पुराने प्रकरण का न्यायिक रूप से निपटारा हुआ.


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लेखक के बारे में

By अवध किशोर तिवारी

अवध किशोर तिवारी तीन दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इन्होंने हिंदी दैनिक राष्ट्रीय सहारा के दिल्ली संस्करण से करियर की शुरुआत की. वर्तमान में वर्ष 2018 से प्रभात खबर के बेतिया ब्यूरो कार्यालय से जुड़े हैं. सामाजिक, अपराध, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है

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