बगहा/हरनाटांड़. वीटीआर वन प्रमंडल दो के मदनपुर वन क्षेत्र के जंगल से चहलकदमी करते हुए बुधवार की अहले सुबह एक गैंडा जंगल के समीप रामपुर नन्हकार सरेह अंतर्गत तिरहुत नहर के किनारे केडी चौधरी के बासवारी में जा पहुंचा. जहां तिरहुत नहर से खेतों में पटवन कर रहे लौकरिया थाना क्षेत्र के रामपुर पोखरा टोला निवासी किसान उमाकांत चौधरी पर हमला बोल दिया. हालांकि बगल के खेतों में फसल काट रहे मजदूर हो हल्ला करने लगे. वहीं मजदूरों के समीप बैठ पालतू कुत्ते ने गैंडा को देखते ही भोंकने लगा. जिससे गैंडा किसान को छोड़ भागने लगा. वही करीब 1.5 किलोमीटर दूर रामपुर अड़गना टोला निवासी बियफी देवी पति शुभराज बीन को अड़गना टोला समीप सरेह में काम कर रही थी. इसी दौरान गैंडा ने फिर महिला पर भी हमला कर दिया. लेकिन कुत्ते की भोंकने की आवाज व वहां मसूर काट रहे मजदूरों के होला पर महिला को छोड़ गैंडा गोबरहिया गांव के सरेह होते हुए मदनपुर जंगल कह तरफ चला गया. लोगों ने तुंरत मदनपुर वन प्रक्षेत्र कार्यालय को सूचना दी. दो घायलों की सूचना मिलते ही वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंच घायलों को उपचार के लिए अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया. अनुमंडलीय अस्पताल में चल रहा है इलाज वन विभाग की टीम व परिजनों ने घायलों को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया है. जहां चिकित्सक डॉ. विनय कुमार द्वारा घायलों का इलाज किया गया है. चिकित्सक ने बताया कि घायलों में लौकरिया थाना क्षेत्र के रामपुर पोखरा टोला निवासी उमाकांत चौधरी की पैर, कमर व हाथ में गंभीर चोट आई. स्थित नाजुक है. जबकि महिला व रामपुर अड़गड़ना टोला निवासी बियफी देवी घायल है. उसको भी अधिक चोट लगी है, लेकिन वह खतरे से बाहर है. गैंडे के हर गतिविधि पर वन कर्मियों की नजर वनपाल राजेश रौशन ने बताया कि वनरंक्षी सुजीत कुमार के नेतृत्व में वन कर्मियों की अलग-अलग पांच टीमों की तैनाती की गयी है. जो गैंडे पर नजर बनाए हुए हैं. गैंडा वाल्मीकिनगर के तरफ पहले अपना अधिवास बनाया हुआ था. लेकिन अब जंगल के रास्ते मदनपुर तक पहुंच गया है. जिसके बाद रिहायशी क्षेत्र में पहुंच गया. फिलहाल गैंडे के गतिविधि की पल-पल की खबर अधिकारियों को दी जा रही है. गैंडा ने कैसे किया है भ्रमण ग्रामीणों ने बताया कि गैंडा मदनपुर वन प्रक्षेत्र के पिलीभत जंगल से भटक कर सिरिसिया सरेह होते हुए तिरहुत नहर के किनारे बांसगांव पुल पर पहुंचा. फिर वहां से औसानी सरेह होते हुए लाली पिपरा सरेह, नहर के साइफन व पईन होते हुए फिर तिरहुत नहर के किनारे नन्हकार सरेह एक किसान को घायल किया. फिर अड़गना टोला सरेह में एक महिला को घायल करते हुए गोबरहिया सरेह में भ्रमण करते जंगल की तरफ चला गया है. इसकी पुष्टि गैंडे के पग मार्ग से हो रही है, जो करीब 8 किलोमीटर का भ्रमण किया है. नेपाल के चितवन वन से आया है गैंडा मदनपुर व बगहा वन क्षेत्र के वन कर्मियों की टीम को तैनात कर गैंडा पर निगरानी रखी जा रही है. घटनास्थल पर पहुंच वन कर्मियों की टीम घटना की जांच पड़ताल की. जहां गैंडे का इन सभी स्थलों पर पाग मार्क मिला है. बता दें कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में गैंडा पहले से मौजूद है, जो नेपाल के चितवन वन से बचपन (शावक) में आया था. वहीं एक मेहमान गैंडा भी वीटीआर में मौजूद है. फिलहाल दोनों घायलों का इलाज अनुमंडलीय अस्पताल बगहा में चल रहा है.
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