राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल से सरकार की योजनाओं पर प्रतिकूल असर

राजस्व कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर सरकार की योजनाओं पर भी पड़ रहा है.

बेतिया. राजस्व कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर सरकार की योजनाओं पर भी पड़ रहा है. विगत मार्च माह में हड़ताल पर गये राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल दस दिन में हीं खत्म हो गयी थी, लेकिन इस बार भी पिछले दस दिनों से लगातार अनिश्चित कालीन हड़ताल पर राजस्व कर्मचारी चले गये हैं. नतीजतन जिले में सरकार की विभिन्न योजनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ना आरंभ हो गया है. वित्तीय वर्ष की शुरुआत में हीं हड़ताल पर गये राजस्व कर्मचारी अभी भी वापस आने को तैयार नहीं है. हालांकि राज्य सरकार ने इसके लिए कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को जिलास्तर पर वार्ता करने की बात कही है. जिलाधिकारी दिनेश कुमार राय की मानें तो जिले के करीब 80 फीसदी राजस्व कर्मचारी हड़ताल पर हैं. जबकि नये नियुक्त व पुराने सेवानिवृति की कगार के कर्मी हड़ताल से बाहर हैं. उन्हीं राजस्व कर्मचारियों के भरोसे काम चलाया जा रहा है, लेकिन अगले 48 घंटे के भीतर यदि राजस्व कर्मचारी हड़ताल से वापस नही आते है तो उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई आरंभ की जायेगी. इधर राजस्व कर्मचारियों के हड़ताल के कारण जिले के विभिन्न अंचलों में आमजनों के कई आवश्यक प्रमाण पत्र भी बनाने में देरी हो रही है. लोक सेवा अधिकार अधिनियम के तहत आये आवेदनों की जांच में राजस्वकर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन हड़ताल के कारण इन प्रमाण पत्रों का बनना मुश्किल हो गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SATISH KUMAR

SATISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >