Bettiah News: बेतिया. नगर के पॉवर हाउस चौक के आसपास अतिक्रमण हटाने की नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई के दौरान बुधवार को शहर के बड़े हिस्से की बिजली आपूर्ति ठप रही. दोपहर करीब 12 बजे से शाम सात बजे तक बिजली गुल रहने से पॉवर हाउस चौक, लाल बाजार, क्रिश्चियन क्वार्टर, बोला बाबू कॉलोनी, पुरानी गुदरी, नया बाजार, कालीबाग और जोड़ा ईनार समेत दर्जनभर से अधिक मोहल्लों की 50 हजार से ज्यादा आबादी उमस भरी गर्मी में परेशान रही. शाम सात बजे के बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी.
दोपहर से शाम तक बिजली आपूर्ति रही बंद
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पॉवर हाउस चौक और आसपास के इलाके की बिजली आपूर्ति बंद रखी गयी. बिजली नहीं रहने से घरों और दुकानों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
दोपहर से शाम तक उमस भरी गर्मी के बीच बिजली नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती गयी. शाम सात बजे तक भी आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी और लोग बिजली बहाली का इंतजार करते रहे.
मलबा हटाने के कारण सप्लाई बंद रखने की बात
बिजली आपूर्ति डिविजन के सहायक अभियंता सुशील कुमार ने बताया कि मौके पर तैनात दंडाधिकारी के निर्देश पर बिजली आपूर्ति बंद रखी गयी है.
उनके अनुसार, अतिक्रमण हटाने के बाद मौके पर मलबा हटाने का काम चल रहा था. मलबा पूरी तरह हटने से पहले बिजली चालू करना सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हो सकता था. इसी वजह से आपूर्ति बहाल नहीं की गयी.
आपूर्ति बहाल करने के लिए वरीय अधिकारियों के आदेश का इंतजार
सहायक अभियंता ने बताया कि बिजली बहाल करने से पहले मलबा हटाने का काम पूरा होना जरूरी है. इसके बाद वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों के आदेश के आधार पर बिजली आपूर्ति शुरू की जाएगी.
प्रशासन और बिजली विभाग के बीच समन्वय के तहत कार्रवाई पूरी होने के बाद ही आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात कही गयी.
हजारों उपभोक्ताओं को नहीं दी गयी पूर्व सूचना
घंटों बिजली गुल रहने के बीच स्थानीय लोगों का गुस्सा भी बढ़ता गया. कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि दोपहर से बिजली विभाग के कर्मियों और पदाधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कई बार फोन तक नहीं उठाया गया.
लोगों का सवाल है कि यदि अतिक्रमण हटाने के दौरान बिजली काटना जरूरी था, तो उपभोक्ताओं को इसकी पूर्व सूचना क्यों नहीं दी गयी.
बिजली बहाल होने में देरी पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी होने के बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल करने में इतना समय क्यों लगा.
लोगों का कहना है कि बिजली बंद रहने से सिर्फ घरेलू उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि बाजार और आसपास की दुकानों का कामकाज भी प्रभावित हुआ. लंबे समय तक सप्लाई बाधित रहने से प्रशासनिक समन्वय को लेकर भी सवाल खड़े हुए.
50 हजार से अधिक आबादी हुई प्रभावित
पॉवर हाउस चौक के आसपास की कार्रवाई का असर शहर के कई मोहल्लों तक पहुंचा. लाल बाजार, क्रिश्चियन क्वार्टर, बोला बाबू कॉलोनी, पुरानी गुदरी, नया बाजार, कालीबाग और जोड़ा ईनार समेत कई इलाकों में लोग घंटों बिजली के इंतजार में रहे.
उमस भरी गर्मी के बीच लंबी बिजली कटौती से बुजुर्गों, बच्चों और दुकानदारों समेत बड़ी संख्या में लोग परेशान रहे.
सुरक्षा कारणों से बिजली बंद रखने की दलील
बिजली विभाग के अनुसार, अतिक्रमण हटाने के बाद मलबा हटाने का काम चलने के कारण तत्काल बिजली बहाल करना सुरक्षित नहीं था. विभाग का कहना है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति बंद रखी गयी.
हालांकि, पूर्व सूचना और बिजली बहाली में देरी को लेकर स्थानीय उपभोक्ताओं की नाराजगी सामने आयी है.
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