West Champaran News: लौरिया नगर पंचायत के वार्ड छह स्थित यदुवंशी नगर में सोमवार को उस समय माहौल गमगीन हो गया, जब सऊदी अरब में असामयिक मौत के 14 दिन बाद ओमप्रकाश का शव उनके पैतृक घर पहुंचा. शव सऊदी अरब से हवाई जहाज के जरिए दिल्ली लाया गया, जिसके बाद एंबुलेंस से लौरिया पहुंचाया गया.
शव घर पहुंचते ही पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों की चीख-पुकार से पूरा मोहल्ला गमगीन हो गया. लंबे इंतजार के बाद अंतिम दर्शन के लिए शव घर पहुंचने पर परिजन भावुक हो उठे.
Lauria News: छह सितंबर को रोजी-रोटी के लिए गये थे सऊदी अरब
बताया गया कि ओमप्रकाश बीते छह सितंबर को रोजी-रोटी कमाने के लिए सऊदी अरब के रियाद गये थे. वहां अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी.
मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शव को भारत लाने की थी. इसके लिए परिजनों ने सरकार, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगायी थी.
14 दिन बाद खत्म हुआ परिजनों का इंतजार
ओमप्रकाश की मौत के बाद परिजन लगातार शव भारत लाये जाने का इंतजार कर रहे थे. सोमवार को 14वें दिन उनका शव दिल्ली पहुंचा और वहां से एंबुलेंस के जरिए लौरिया लाया गया.
शव घर पहुंचते ही परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे. आसपास के लोग भी यदुवंशी नगर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी.
बेटे समेत परिजनों ने जताया आभार
ओमप्रकाश के बड़े पुत्र विशाल सीआरपीएफ में कार्यरत हैं. विशाल समेत अन्य परिजनों ने शव भारत लाने में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री, सांसद सुनील कुमार, केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे, विधायक विनय बिहारी और जिला पदाधिकारी तरनजीत सिंह के प्रति आभार जताया.
परिजनों ने कहा कि लंबे इंतजार के बाद शव घर पहुंच सका, जिससे वे अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर सके.
सिकरहना घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
शव के घर पहुंचने के बाद सोमवार को ही सिकरहना घाट पर ओमप्रकाश का अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन शामिल हुए.
शव पहुंचने की सूचना पर वार्ड पार्षद बद्री यादव, पप्पू मिश्रा, लालबाबू राम, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि संजय कुमार, उपमुख्य पार्षद प्रतिनिधि लड्डू सिंह समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग यदुवंशी नगर पहुंचे.
सभी ने परिजनों को ढांढस बंधाया और अंतिम संस्कार में शामिल होकर दिवंगत ओमप्रकाश को श्रद्धांजलि दी.
