पहाड़ी नदियां उफान पर, कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, आधा दर्जन छलका व पुलिया ध्वस्त

कई पहाड़ी नदियों उफान पर है. वहीं गंडक बराज वाल्मीकिनगर से लगभग डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से दोन इलाके के पांच छलका ध्वस्त हुआ है.

बगहा. कई पहाड़ी नदियों उफान पर है. वहीं गंडक बराज वाल्मीकिनगर से लगभग डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से दोन इलाके के पांच छलका ध्वस्त हुआ है. वहीं मकान भी बारिश के पानी से ध्वस्त हो गया है. इतना ही नहीं नदियों के उफान के चलते दोन इलाके से प्रखंड मुख्यालय और अनुमंडल मुख्यालय का संपर्क टूट गया है तथा बगहा एक और बगहा दो के कई गांव में बारिश व बाढ़ का पानी घुस गया है. जिसके चलते जनजीवन अस्त व्यस्त है. प्राप्त समाचार के अनुसार भपसा, मनोर तथा मसान नदी में उफान होने के चलते दोन इलाके के कमर्छिनवा, नौरंगिया, पिपराहवा, गोबरहिया दोन इलाके में पुलिस सहित पांच छलका ध्वस्त हो गया है तथा खटौरी पंचायत के खटौरा गांव में पहवारी राम का घर बारिश के पानी से गिर कर ध्वस्त हो गया है. वहीं दोन इलाके के कमर्छिनवा दोन, नौरंगिया दो, पिपरहवा दोन, गोबरहिया दोन सहित कई गांव से प्रखंड और अनुमंडल मुख्यालय का संपर्क भंग हो गया है. वही बगहा दो प्रखंड के चंपापुर-गोनौली पंचायत के मलकौली, पिपरा, सेखुअनवा, धुमवाटांड़, गोडार गांव संपर्क भंग हो गया है. जबकि बगहा एक प्रखंड के सलहा-बरियरवा पंचायत के झारमहुई गांव में बारिश और बाढ़ का पानी घुस गया है. जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त है. गोनौली के पांच गांव बने टापू, जनजीवन प्रभावित हरनाटांड़ . तीन दिनों से रुक-रुक कर लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. प्रखंड बगहा दो अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों तक जल जमाव देखा जा रहा है. रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण पहाड़ी नदियों के जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि हो गयी है. जंगल से निकलने वाली मनोर और भपसा नदी में उफान के कारण कई गांवों का संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है. भपसा नदी के उफान ने चंपापुर-गोनौली पंचायत के मलकौली, पिपरा, गोडार, सखुअनवा, धुमवाटांड़ आदि गांवों के जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. दो तरफ से नदी व एक तरफ से जंगल से घिरे पांचों गांव टापू में बदल गये हैं और वहां का जीवन काफी संवेदनशील हो गया है. स्कूली बच्चों को विद्यालय जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. चंपापुर-गोनौली पंचायत की मुखिया प्रियंका देवी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष बरसात से पंचायत के पांच गांव बुरी तरह से प्रभावित हो जाते हैं. मुखिया ने बताया कि वाल्मीकिनगर विधायक से भपसा नदी पर पुल बनवाने की मांग की गयी है. जिस पर उनके द्वारा बरसात के बाद बनवाने का आश्वासन दिया गया है. गंडक के बढ़ते जलस्तर के बाद निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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