Bagaha News: बगहा. आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर बुधवार को बगहा व्यवहार न्यायालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में बैंक और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम मनीष कुमार द्विवेदी ने की, जबकि संचालन अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी आलोक कुमार चतुर्वेदी ने किया. बैठक में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह सब जज प्रथम कीर्ति प्रसाद भी मौजूद रहे.
लंबित मामलों की स्थिति की ली गयी जानकारी
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों और बैंकों से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की गयी. इनमें विशेष रूप से सर्टिफिकेट केसों की स्थिति पर जानकारी ली गयी.
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने अंचल अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों से अब तक लंबित मामलों के निष्पादन को लेकर की गयी कार्रवाई की जानकारी प्राप्त की.
अधिक से अधिक मामलों को चिन्हित करने का निर्देश
बैठक में सभी अंचलों के अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक मामलों को चिन्हित करें.
अधिकारियों से कहा गया कि चिन्हित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक कार्रवाई समय रहते पूरी की जाए, ताकि राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान अधिक से अधिक मामलों का समाधान कराया जा सके.
बैंक और प्रशासन के बीच समन्वय पर जोर
बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया. न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि लंबित मामलों के निष्पादन के लिए सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं को सक्रिय भूमिका निभानी होगी.
समन्वय बेहतर रहने से संबंधित पक्षकारों तक सूचना पहुंचाने और मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिलेगी.
आपसी सहमति से सरल तरीके से होगा निपटारा
न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य सुलहनीय मामलों का आपसी सहमति के आधार पर त्वरित और सरल तरीके से निपटारा करना है.
लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलने का अवसर मिलता है. ऐसे में संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया.
बैंकों और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी
बैठक में कहा गया कि लोक अदालत की सफलता केवल न्यायिक तंत्र पर निर्भर नहीं है. बैंक, अंचल कार्यालय और अन्य प्रशासनिक विभाग भी लंबित मामलों की पहचान और निपटारे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने स्तर से आवश्यक तैयारी पूरी करें और लंबित मामलों के समाधान के लिए संबंधित पक्षकारों से संपर्क और समन्वय बनाए रखें.
राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर तैयारी
बैठक के माध्यम से आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर चर्चा की गयी. लंबित मामलों की समीक्षा के साथ उनके त्वरित निष्पादन के लिए प्रशासनिक और बैंक अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने का निर्देश दिया गया.
न्यायिक अधिकारियों ने उम्मीद जतायी कि बेहतर समन्वय और सक्रिय भागीदारी के माध्यम से अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों का निपटारा लोक अदालत में कराया जा सकेगा.