बेतिया के योगापट्टी से समीर वाजपेयी की रिपोर्ट
Bettiah News: योगापट्टी प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) योगापट्टी में प्रसव के बाद अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है. मटकोटा गांव निवासी मुकेश सिंह ने लौरिया विधायक विनय बिहारी को आवेदन देकर अस्पताल में कार्यरत एक एएनएम एवं सफाईकर्मी पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है.
नवजात को सौंपने के लिए पैसे मांगने का आरोप
पीड़ित मुकेश सिंह ने आवेदन में बताया कि वे अपनी पुत्री के प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे. आरोप है कि प्रसव के बाद अस्पताल में तैनात सफाईकर्मी ने उनसे रुपये की मांग की. उनका कहना है कि मांग पूरी होने तक नवजात शिशु को परिजनों को नहीं सौंपा गया.
उन्होंने बताया कि पहले चार हजार रुपये की मांग की गई थी. पैसे नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. बाद में परिजनों से रुपये मंगाकर करीब दो हजार रुपये देने के बाद नवजात को सौंपा गया.
अस्पताल में लंबे समय से वसूली का आरोप
मुकेश सिंह ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों से लंबे समय से अवैध वसूली की जा रही है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
शिकायत मिलते ही अस्पताल पहुंचे विधायक
मामले की जानकारी मिलने के बाद लौरिया विधायक विनय बिहारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और अस्पताल की व्यवस्था का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से भी बातचीत कर जानकारी ली.
विधायक ने कहा कि उन्हें अस्पताल में अवैध वसूली की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. प्रारंभिक स्तर पर शिकायतें सही प्रतीत हो रही हैं. उन्होंने सिविल सर्जन और अस्पताल प्रभारी से दूरभाष पर बातचीत कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
जांच के बाद होगी कार्रवाई
विधायक ने कहा कि किसी भी मामले में ठोस कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत आवश्यक होती है. शिकायत मिलने के बाद जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अब्दुल गनी ने बताया कि आवेदन प्राप्त होने पर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता पर उठे सवाल
घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और सरकारी अस्पतालों में कथित अवैध वसूली को लेकर चर्चा तेज हो गई है. स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है.
