West Champaran News: वीटीआर की गोद में बसे दूरस्थ दोन क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को संकट में डाल दिया है. नेपाल और पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण भापसा, हरहा, कौशील, झिकरी समेत कई जंगली नदियां और नाले उफान पर हैं. तेज बहाव के कारण हरनाटांड़, रामनगर और मैदानी क्षेत्रों से दोन का संपर्क प्रभावित हो गया है. कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से लोगों के सामने रोजमर्रा की जिंदगी भी चुनौती बन गई है.
Harnautand News: गांवों में घुसा पानी, फसलों पर संकट
दोन क्षेत्र के निचले गांवों में घरों के आंगन, गलियों और खेतों तक पानी पहुंच गया है. ग्रामीण अपने मवेशियों और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं. धान, गन्ना समेत अन्य फसलें जलभराव की चपेट में हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है.
जंगल के रास्ते बने दलदल, आवागमन हुआ मुश्किल
जंगल के बीच से गुजरने वाले कच्चे रास्ते कीचड़ और गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं. उफनती नदियों को पार कर ही लोगों को बाजार, अस्पताल और प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचना पड़ रहा है. कई स्थानों पर ट्रैक्टर, सेमी ट्रैक्टर और मोटरसाइकिलें बीच रास्ते में फंस जा रही हैं. सबसे अधिक परेशानी बीमार मरीजों, गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों और दैनिक जरूरतों के लिए आने-जाने वाले लोगों को हो रही है.
बिजली और संचार व्यवस्था पर भी पड़ा असर
लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर सोलर बिजली आपूर्ति और संचार व्यवस्था भी प्रभावित होने लगी है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी गांव में आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो राहत एवं बचाव दल के पहुंचने में भी कठिनाई हो सकती है.
ग्रामीणों ने राहत और स्थायी समाधान की मांग की
ग्रामीण जगदेव महतो, सुकी महतो, जनार्दन महतो और बालकिशन महतो ने बताया कि हर वर्ष मानसून में दोन क्षेत्र की यही स्थिति बन जाती है, लेकिन अब तक स्थायी सड़क, पुल-पुलिया और जल निकासी की व्यवस्था नहीं हो सकी है. ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री उपलब्ध कराने, क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत, संवेदनशील नदी-नालों पर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था तथा स्वास्थ्य एवं आपदा राहत टीमों की तैनाती की मांग की है. उनका कहना है कि यदि बारिश जारी रही तो दोन क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट सकता है.
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