बेतिया: फरक्का (गंगा) जल संधि के नवीकरण को लेकर जदयू ने बिहार के हित में केंद्र सरकार से ठोस पहल की मांग की है. शुक्रवार को बेतिया में जदयू विधायक समृद्ध वर्मा एवं जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न कुशवाहा ने प्रेस वार्ता कर कहा कि दिसंबर में संधि के नवीकरण से पहले बिहार के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो राज्य को इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.
2050 तक बिहार की जल जरूरतों को ध्यान में रखने की मांग
विधायक समृद्ध वर्मा ने कहा कि वर्ष 1996 में भारत-बांग्लादेश के बीच हुई फरक्का जल संधि लंबे समय से बिहार के लिए चिंता का विषय है. इसी मुद्दे को लेकर जदयू की ओर से फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद कार्यक्रम चलाया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा एवं प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में जनसंवाद किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि संधि के नवीकरण पर पुनर्विचार जरूरी है और किसी नये समझौते में वर्ष 2050 तक बिहार की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए.
बाढ़ और सूखे के असर का उठाया मुद्दा
समृद्ध वर्मा ने कहा कि फरक्का बराज के कारण गंगा में गाद जमा होने से नदी का तल ऊंचा हो रहा है, जिससे उत्तर बिहार में बाढ़ का संकट बढ़ रहा है. वहीं सूखे मौसम में पानी के बंटवारे का असर सिंचाई, पेयजल, उद्योग और आजीविका पर पड़ता है.
बिहार के अधिकार और भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताया
जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न कुशवाहा ने कहा कि यह राजनीतिक नहीं, बल्कि बिहार के अधिकार और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है. इस पर गंभीरता से विचार जरूरी है.
प्रेस वार्ता के मौके पर प्रेमशीला देवी, असलम खां हक्की, अशोक ओझा, विद्या सिंह पटेल, डॉ. दीपक सिंह दीपू, देव नारायण राम, विजय राउत, सुमित सिंह बबलू, विवेक सिंह बबलू समेत अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे.
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