Bettiah News: जिले के सरकारी विद्यालयों में हाजिरी दर्ज कर घंटों तक स्कूल से बाहर रहने वाले शिक्षक, शिक्षिकाओं और प्रधानाध्यापकों पर अब जिला शिक्षा विभाग की कड़ी नजर रहेगी. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) राजन कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐसे मामलों की निगरानी के लिए अनुमंडल स्तर पर विशेष टीम गठित कर दी है.
अब ई-शिक्षाकोष मोबाइल एप पर दर्ज ऑनलाइन उपस्थिति का नियमित विश्लेषण किया जाएगा और संदिग्ध मामलों की जांच होगी.
शिकायतों के बाद लिया गया फैसला
डीईओ राजन कुमार ने बताया कि कई विद्यालयों से शिकायत मिल रही थी कि कुछ शिक्षक सुबह ई-शिक्षाकोष एप पर उपस्थिति दर्ज करने के बाद बिना अनुमति विद्यालय छोड़ देते हैं या लंबे समय तक अनुपस्थित रहते हैं.
उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है और विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है. इसी को देखते हुए ऑनलाइन उपस्थिति की नियमित मॉनिटरिंग का निर्णय लिया गया है.
हर दिन और हर सप्ताह होगी समीक्षा
जारी आदेश के अनुसार अब शिक्षकों की प्रतिदिन और साप्ताहिक ऑनलाइन उपस्थिति का विश्लेषण किया जाएगा.
जिन शिक्षकों की उपस्थिति संदिग्ध मिलेगी या जिनके खिलाफ विद्यालय से अनुपस्थित रहने की शिकायत मिलेगी, उनकी माहवार उपस्थिति रिपोर्ट निकालकर उसका सत्यापन कराया जाएगा.
गड़बड़ी मिलने पर होगी विभागीय कार्रवाई
जांच में अनियमितता मिलने पर संबंधित शिक्षक या प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा.
यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली के तहत विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
अनुमंडलवार बनाई गई निगरानी टीम
जिला शिक्षा विभाग ने निगरानी के लिए अलग-अलग अनुमंडलों में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है.
- बगहा अनुमंडल – उज्ज्वल कुमार
- बेतिया अनुमंडल – कुमार शिवम मणि
- नरकटियागंज अनुमंडल – विशाल कुमार
पूरे अभियान की निगरानी अरुण कुमार अकेला (एसीपी-एमआईएस प्रभारी) करेंगे. वहीं, पत्राचार और संचिका संधारण की जिम्मेदारी अगस्त्य कश्यप को दी गई है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को इस व्यवस्था का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है.
डीईओ ने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने से रोकना है.
