घोड़ासहन नहर पर बनायी अवैध दर्जनों झोपड़ियों पर चला सिंचाई विभाग का बुलडोजर

स्थानीय बाजार के घोड़ासहन नहर कैनाल पर बने अवैध रूप से झुग्गी-झोपड़ीयों को स्थानीय प्रशासन ने बस बुलडोजर चलवाकर तोड़वा दिया.

सिकटा.स्थानीय बाजार के घोड़ासहन नहर कैनाल पर बने अवैध रूप से झुग्गी-झोपड़ीयों को स्थानीय प्रशासन ने बस बुलडोजर चलवाकर तोड़वा दिया. करीब दर्जन भर झोपड़ियों को बल पूर्वक हटाया गया. घोड़ासहन नहर के कनीय अभियंता राजेश्वर राम ने बताया कि बस स्टैंड के पास सीमा सड़क के दोनों तरफ करीब एक दर्जन लोग नहर की भूमि पर अवैध रूप से झोपड़ियां बनाकर अतिक्रमण कर लिये थे. मुख्यमंत्री हर खेत सिंचाई योजना के तहत गंडक परियोजना से नहर के तल की सफाई की जा रही है. जिसे साफ कराने की जिम्मेदारी चंदेल ग्रुप को मिली है. इस कार्य को कराने में अतिक्रमणकारी बाधक बन रहे थे. जिसे लेकर अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश गंडक परियोजना ने दिया था. गंड़क विभाग ने स्थानीय अंचल व पुलिस प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण हटाया. कनीय अभियंता ने बताया कि पहले अतिक्रमणकारियों को स्वयं से अतिक्रमण हटाने को कहा गया, जिसके बाद अधिकांश लोगों ने अपनी झोपड़ी स्वयं से हटा लिया. वहीं कुछ लोगों नहीं हटाये. इस पर प्रशासन ने बुलडोजर चला झोपड़ियों को तोड़कर नहर कैनाल को अतिक्रमण मुक्त करा दिया गया. बताते चलें कि इसके पहले यहीं घोड़ासहन नहर पर बन रहे सीमा सड़क से तत्कालीन अंचलाधिकारी मनीष कुमार पुलिस के सहयोग से सड़क पर बने लगभग एक दर्जन पक्का के मकानों व झोपड़ियों को तोड़कर सड़क की जमीन को खाली कराया था. वही कुछ दिन बाद सभी अतिक्रमणकारी फिर से सड़क का अतिक्रमण कर लिए थे. मौके पर सिकटा थानाध्यक्ष राज रोशन, प्रभारी अंचल निरीक्षक सह राजस्व कर्मचारी विजय कुमार, गंडक परियोजना के अमीन आदि मौजूद थे. हालांकि नहर चौक से अतिक्रमण हटाये जाने से लोगों में हर्ष है. अब लोग बाजार के शिवमंदिर रोड से अतिक्रमण हटाने की उम्मीद स्थानीय अंचल प्रशासन से लगाये हुए हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >