तम्बाकू-धूम्रपान से मुक्त होकर करें एक मजबूत व स्वस्थ राष्ट्र निर्माण में बहुमूल्य योगदान: प्रो.रवींद्र

महारानी जानकी कुंवर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ) रवींद्र कुमार चौधरी ने कहा कि तम्बाकू और धूम्रपान से मुक्त होकर,आप एक मजबूत और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान कर सकते हैं.

बेतिया. महारानी जानकी कुंवर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ) रवींद्र कुमार चौधरी ने कहा कि तम्बाकू और धूम्रपान से मुक्त होकर,आप एक मजबूत और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान कर सकते हैं. वे शनिवार को बहुउद्देशीय हॉल में कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना संभाग द्वारा विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर आयोजित ””””व्यसन मुक्त समाज निर्माण में युवाओं की भूमिका”””” विषयक संगोष्ठी को बतौर अध्यक्ष संबोधित कर रहे थे. प्रो. चौधरी ने कहा आज के दौर में हमारी आधे से अधिक घातक और जानलेवा बीमारियों के मूल में तंबाकू, धूम्रपान या नशाखोरी की लगी आदत ही है. बावजूद इसके हमारी युवा पीढ़ी का एक बड़ा तबका नशाखोरी और व्यसनों की गिरफ्त में है. प्राचार्य ने बताया कि आज 2025 के “विश्व तंबाकू निषेध दिवस ” की थीम ””””उज्ज्वल उत्पाद, काले इरादे, अपील को उजागर करना ” निर्धारित है. जो आकर्षक स्वाद और पैकेजिंग में आने वाले तंबाकू उत्पादों के छिपे खतरों को सामने लाने पर केंद्रित है. प्राचार्य प्रो. चौधरी ने कहा इस थीम को अपनाकर आप युवा वास्तव में व्यसन मुक्त समाज के निर्माण में अभियान दूत बनकर कार्य कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि आज के युवा वर्ग का एक बड़ा तबका इसे एक शौक के रूप में अपनाता है और धीरे-धीरे इसके आदि हो कर अपना स्वास्थ्य और भविष्य दोनों दांव पर लगा देता है. कार्यक्रम के संयोजक और राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ राजेश कुमार चंदेल ने कहा कि आज नशा को लेकर हमारे देश में चिंताजनक स्थिति है.आज प्रति वर्ष 80 लाख से अधिक लोग तम्बाकू सेवन जनित रोग से मर रहें हैं. जिसमें ज्यादातर लोग कम उम्र के युवा हैं.इसी को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा शपथ-पत्र भरवाया गया है. जिसमें छात्र-छात्राओं ने शपथ लिया कि किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार के सदस्यों को भी इससे दूर रखेंगे. इस अवसर पर मंच संचालक रहे योगाचार्य पवन कुमार चौधरी ने कहा कि नशा नष्ट करती है हमारी स्वास्थ्य का, चेतना के स्तर को, बुद्धि, संबंध, आत्म-सम्मान, आत्म-विश्वास, आर्थिक स्थिति, सामाजिक जीवन को आत्म नियंत्रण से इसे दूर किया जा सकता है. महाविद्यालय के छात्र रजनीश कुमार, राहुल कुमार, दिवाकर कुमार, रितेश कुमार ने भी अपने विचार रखे. आयोजन में खुशबू कुमारी, स्तुति कुमारी, अखिलेश कुमार, अविनाश कुमार, अर्चना कुमारी, प्रभा कुमारी,चंद्रशेखर कुमार, विगत कुमार किशन कुमार आदि की सहभागिता रही.

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Author: SATISH KUMAR

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