बेतिया से अवध किशोर तिवारी की रिपोर्ट
Bihar Police Inspectors: पुलिस मुख्यालय ने बेहतर पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण और नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.राज्य के अपराध एवं विधि-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील और बड़े थानों को अब पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में संचालित किया जाएगा.मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पहले से चिन्हित 208 थानों के अतिरिक्त राज्य के 217 और थानों को पुलिस निरीक्षक स्तर का थाना घोषित किया गया है.इसके साथ ही अब बिहार के कुल 425 सामान्य पुलिस थानों में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी थानाध्यक्ष के रूप में पदस्थापित किए जाएंगे.
पश्चिम चंपारण के 15 थाने सूची में शामिल
इस निर्णय का सबसे बड़ा असर पश्चिम चंपारण जिले में देखने को मिलेगा.जिले के बेतिया और बगहा पुलिस जिलों के कुल 15 थानों को पुलिस निरीक्षक स्तर का थाना बनाया गया है.इसमें बेतिया पुलिस जिला के मझौलिया, बैरिया, नौतन, लौरिया, योगापट्टी, नगर थाना, शिकारपुर, मुफस्सिल और बगहा पुलिस जिला के धनहा, चौतरवा, बगहा, वाल्मीकिनगर एवं रामनगर थाना को सूची में शामिल किया गया है.
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, राज्य में नए कानून लागू होने के बाद पुलिसिंग की जिम्मेदारियां बढ़ी हैं.थानों में अनुसंधान और विधि-व्यवस्था की अलग-अलग इकाइयां कार्यरत हैं.ऐसे में बड़े और संवेदनशील थानों में निरीक्षक स्तर के अधिकारी की तैनाती से प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत होगा तथा अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार आएगा.इंस्पेक्टर रैंक के थानाध्यक्ष अपने अधीन कार्यरत सब-इंस्पेक्टरों के कार्यों की बेहतर निगरानी कर सकेंगे.
पदेन अंचल निरीक्षक की भी होगी जिम्मेदारी
आदेश के अनुसार, पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष अपने थाना क्षेत्र के पदेन अंचल निरीक्षक भी होंगे.हालांकि उनका क्षेत्राधिकार केवल संबंधित थाना क्षेत्र तक सीमित रहेगा और अंचल के अन्य थाने उनके अधिकार क्षेत्र में शामिल नहीं होंगे.इस कदम से नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और नागरिक केंद्रित पुलिसिंग को मजबूत करने में मदद मिलेगी.
