Bettiah News: सीमावर्ती क्षेत्रों में एक बार फिर रेल आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है. रक्सौल-नरकटियागंज रेलखंड पर ट्रेनों की भारी कमी को लेकर यात्रियों में गहरा आक्रोश है. स्थानीय लोगों का कहना है कि रक्सौल से सुबह 4:40 बजे के बाद अगली ट्रेन दोपहर 3:30 बजे मिलती है, यानी करीब 11 घंटे तक कोई सेवा उपलब्ध नहीं रहती. इससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है.
ट्रेन विस्तार का नहीं मिल रहा लाभ
रेलवे द्वारा कुछ ट्रेनों के विस्तार की घोषणा की गई है, लेकिन उनका परिचालन अब तक शुरू नहीं हुआ है. यात्रियों का कहना है कि प्रस्तावित समय सारिणी भी व्यावहारिक नहीं है. खासकर गोरखपुर जाने के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं होने से लोगों को अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रक्सौल से सिकटा होते हुए गोरखपुर तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू हो, तो इससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही लखनऊ और दिल्ली जैसे शहरों की यात्रा भी आसान हो जाएगी.
आंदोलन की चेतावनी
सिकटा समेत आसपास के ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो स्टेशन पर चक्का जाम और बड़ा आंदोलन किया जाएगा. लोगों की उम्मीदें केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे से जुड़ी हैं कि वे इस रेलखंड पर सुविधाओं का विस्तार कराएंगे.
पश्चिमी चंपारण के सिकटा से अमर कुमार की रिपोर्ट
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