Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिले के बलथर थाना क्षेत्र के परसौनी गांव में महिला हेल्पलाइन और बाल कल्याण समिति की सक्रियता से एक नाबालिग लड़की की शादी होने से बच गई. परिजनों द्वारा गुपचुप तरीके से शादी की तैयारियां की जा रही थीं, लेकिन ऐन वक्त पर अधिकारियों की टीम ने पहुंचकर कानून का डंडा चलाया और शादी रुकवा दी. इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही.
ननिहाल में हो रही थी शादी की तैयारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परसौनी गांव निवासी बच्ची देवी की नतनी अपने ननिहाल में रहती है. उसकी शादी 7 मई को तय की गई थी. लड़की अभी नाबालिग थी, जिसकी सूचना किसी ने महिला हेल्पलाइन और बाल कल्याण समिति को दे दी. सूचना मिलते ही अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गांव पहुंची. टीम में बीडीओ अजीत कुमार रौशन, चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक आलोक कुमार और एसआई सुनील कुमार शामिल थे.
नानी से भरवाया गया बॉन्ड, लड़के वाले भी राजी
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शादी रुकवाई और लड़की की नानी से लिखित बॉन्ड भरवाया. इसमें स्पष्ट कहा गया है कि जब तक लड़की बालिग नहीं हो जाती, तब तक उसकी शादी नहीं की जाएगी. प्रशासन ने सख्त हिदायत दी कि आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. राहत की बात यह रही कि लड़के पक्ष ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया और लड़की के बालिग होने तक इंतजार करने का फैसला किया.
मौके पर मौजूद रहे कई जनप्रतिनिधि
इस कार्रवाई के दौरान पंचायत के मुखिया प्रमोद कुमार, वार्ड सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे. ग्रामीणों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है. अधिकारियों ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई और कानूनी अपराध है, जिसे रोकना हम सबकी जिम्मेदारी है.
सिकटा से अमर कुमार की रिपोर्ट
