Bettiah News: बगहा में सरकारी अनाज की हेराफेरी पर बड़ा एक्शन, 200 क्विंटल खाद्यान्न गायब मिलने पर 3 PDS दुकानदारों को नोटिस

Bettiah News: बगहा में खाद्यान्न वितरण में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है. जांच में 200 क्विंटल अनाज कम मिलने पर तीन पीडीएस दुकानदारों का लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है.

Bettiah News: बगहा में जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों को मिलने वाले सरकारी खाद्यान्न में एक बड़ी गड़बड़ी का पर्दाफाश हुआ है. अनुमंडल प्रशासन ने खाद्यान्न वितरण में अनियमितता और लापरवाही के मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. विभागीय जांच के दौरान स्टॉक में करीब 200 क्विंटल अनाज कम पाए जाने के बाद बगहा शहर के तीन प्रमुख जनवितरण प्रणाली दुकानदारों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि तय समय के भीतर डीलरों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा.


दस्तावेजों के मिलान में खुली पोल: ये 3 डीलर आए जद में

स्थानीय उपभोक्ताओं से लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर अपर समाहर्ता अनिल कुमार सिन्हा ने बगहा शहर के विभिन्न जनवितरण प्रणाली केंद्रों पर औचक छापेमारी और जांच की थी. इस जांच अभियान के दौरान अधिकारियों ने न केवल भौतिक स्टॉक का सत्यापन किया, बल्कि दुकानों से जुड़े सभी महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों को भी खंगाला.

इन मानकों पर की गई जांच:

  • दस्तावेजों का मिलान: जांच टीम ने खाद्यान्न स्टॉक, स्टॉक पंजी, वितरण अभिलेख और उठाव रजिस्टर समेत सभी कागजातों का गहराई से मिलान किया.
  • गंभीर विसंगतियां: भौतिक सत्यापन और रजिस्टरों के आंकड़ों में भारी अंतर देखने को मिला, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि राशन के वितरण और भंडारण में नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं.

कार्रवाई के दायरे में आए डीलरों और अधिकारियों का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

जांच के घेरे में आए PDS दुकानदार (बगहा शहर)जांच एवं कार्रवाई करने वाले मुख्य अधिकारीजांच में मिली सबसे बड़ी गड़बड़ीसंभावित प्रशासनिक कार्रवाई
1. कमलेश ठाकुर
2. जगन्नाथ प्रसाद
3. रमेश पांडेय
अपर समाहर्ता: अनिल कुमार सिन्हा
अनुमंडल आपूर्ति पदाधिकारी: कुमार प्रशांत
तीनों दुकानों के भौतिक स्टॉक और रजिस्टरों के मिलान में करीब 200 क्विंटल खाद्यान्न कम पाया गया.स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने पर PDS लाइसेंस रद्द होगा और अन्य कानूनी कदम उठाए जाएंगे.


अनुमंडल आपूर्ति पदाधिकारी: कुमार प्रशांत | तीनों दुकानों के भौतिक स्टॉक और रजिस्टरों के मिलान में करीब 200 क्विंटल खाद्यान्न कम पाया गया. | स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने पर PDS लाइसेंस रद्द होगा और अन्य कानूनी कदम उठाए जाएंगे. |


लाइसेंस रद्द होने के साथ-साथ दर्ज हो सकती है एफआईआर

अनुमंडल पदाधिकारी के सख्त निर्देश के बाद संबंधित डीलरों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस थमाया गया है. अनुमंडल आपूर्ति पदाधिकारी कुमार प्रशांत ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विभाग ने पारदर्शी व्यवस्था को प्रभावित करने वाले इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया है.

अधिकारियों की दोटूक चेतावनी: अनुमंडल आपूर्ति पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संबंधित दुकानदारों से इस भारी कमी पर स्पष्टीकरण मांगा गया है. यदि निर्धारित अवधि में उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो विभागीय प्रावधानों के तहत उनका पीडीएस लाइसेंस तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा. इसके साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर सरकारी खाद्यान्न के गबन के आरोप में अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं.


उपभोक्ताओं ने किया फैसले का स्वागत, अन्य डीलरों में हड़कंप

प्रशासन द्वारा की गई इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई के बाद से बगहा के जनवितरण प्रणाली से जुड़े अन्य थोक और खुदरा दुकानदारों के बीच हड़कंप का माहौल है. कई दुकानदार अपने स्टॉक और दस्तावेजों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं. दूसरी तरफ, स्थानीय कार्डधारकों और उपभोक्ताओं ने राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में उठाए गए इस कदम की सराहना की है.

वरिष्ठ अधिकारियों ने एक बार फिर दोहराया है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और गरीबों के हक के राशन में किसी भी प्रकार की लूट या अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

बेतिया से चंद्रप्रकाश आर्य की रिपोर्ट

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Published by: Aaruni Thakur

प्रभात खबर में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत आरुणि ठाकुर, पत्रकारिता के क्षेत्र में गहरी रुचि रखते हैं। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वर्तमान में वे समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर कर रहे हैं। विस्तार न्यूज और इंडिया न्यूज जैसे संस्थानों में अनुभव प्राप्त आरुणि को हाइपरलोकल खबरों, राजनीति और डॉक्यूमेंट्री निर्माण में विशेष रुचि है।

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