Bettiah: दहेज की मांग पर टूटी शादी, बारातियों की पिटाई, दूल्हा बैरंग लौटा

शादी के मंडप में ऐसा क्या हुआ कि दुल्हन ने रिश्ते को ठुकरा दिया? दहेज विवाद ने बारात को बना दिया बेरंग. पढ़ें पूरी खबर…

Bettiah News: दहेज और गहनों की मांग ने एक भव्य शादी को विवाद और अपमान की कहानी में बदल दिया. लौरिया थाना क्षेत्र के एक गांव का दूल्हा सिवान से बिना दुल्हन के बैरंग लौट आया. शादी समारोह के बीच गहनों को लेकर ऐसा विवाद खड़ा हुआ कि वधू पक्ष ने दूल्हा और उसके परिजनों की जमकर पिटाई कर दी. हालात इतने बिगड़े कि 112 पुलिस को बुलाना पड़ा. अंततः जनप्रतिनिधियों की मध्यस्थता में समझौता हुआ और शादी टूट गई.

यह चर्चित घटना 28 अप्रैल को सिवान जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र के सुरवलिया गांव में हुई, जिसकी चर्चा अब दोनों जिलों में जोरों पर है.

तिलक से ही शुरू हो गया था तनाव


जानकारी के अनुसार, 26 अप्रैल को तिलक कार्यक्रम के दौरान ही दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बन गई थी. दूल्हा पक्ष ने आरोप लगाया कि तिलक में अपेक्षित सोने की चेन नहीं दी गई. उस समय वधू पक्ष ने शादी में चेन देने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया.

दूल्हा एयरपोर्ट पर कार्यरत बताया जा रहा है और उसका परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है.

मंडप तक पहुंचा विवाद


28 अप्रैल को बारात पूरे ठाठ-बाट के साथ सिवान पहुंची. स्वागत, नाश्ता और वरमाला की रस्में पूरी हुईं, लेकिन इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी भी हुई.

स्थिति तब विस्फोटक हो गई जब कन्या निरीक्षण के दौरान दूल्हा पक्ष ने दुल्हन के लिए दिए गए अंगूठी व अन्य स्वर्ण आभूषणों को कम बताया. आरोप है कि इसी बात पर बहस तेज हुई और देखते ही देखते मामला हाथापाई में बदल गया.

दूल्हा व बारातियों की जमकर पिटाई


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वधू पक्ष के लोगों ने दूल्हा, उसके परिजनों और कुछ बारातियों की जमकर पिटाई की. कई बाराती जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे और छिप गए. कुछ लोग बिना भोजन किए ही लौट गए.

घटना की सूचना पर 112 पुलिस मौके पर पहुंची. इसके बाद स्थानीय विधायक इंद्रदेव सिंह और पंचायत के मुखिया ने हस्तक्षेप कर माहौल शांत कराया.

दुल्हन ने शादी से किया इनकार


मध्यस्थता के दौरान दुल्हन ने स्पष्ट रूप से शादी से इनकार कर दिया. पंचायत स्तर पर निर्णय लिया गया कि दूल्हा पक्ष दहेज में मिली पूरी राशि वापस करेगा.

सूत्रों के अनुसार, दूल्हा पक्ष से लिखित बाउंड भरवाया गया, जिसमें 30 अप्रैल तक पूरी रकम लौटाने की बात कही गई. बताया जाता है कि गुरुवार को दूल्हा पक्ष ने वधू पक्ष के घर जाकर राशि जमा कर दी.

दहेज प्रथा पर उठा बड़ा सवाल


इस घटना ने दहेज प्रथा की कड़वी सच्चाई को फिर उजागर कर दिया है. एक खुशियों भरा समारोह लालच, अपमान और हिंसा में बदल गया. बारात में शामिल लोगों ने कहा कि दहेज की मांग ने पूरे विवाह को कलंकित कर दिया.

यह घटना दहेज प्रथा और उससे जुड़ी सामाजिक कुरीतियों पर गंभीर सवाल खड़ा करती है.

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लेखक के बारे में

By Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

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