रामनगर. पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर परियोजना से सटे इलाकों में जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही ग्रामीणों के लिए खतरा बनती जा रही है. इसी क्रम में गुरुवार को वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से भटके एक भालू ने रामनगर प्रखंड के मंचंगवा पंचायत अंतर्गत गोबर्धना गांव में शौच के लिए गए 85 वर्षीय बुजुर्ग पर अचानक हमला कर दिया. इस हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया. प्रतिदिन की तरह शौच के लिए गांव के पश्चिम दिशा में सरेह की ओर गए थे प्राप्त जानकारी के अनुसार गोबर्धना गांव निवासी सुखल महतो गुरुवार की सुबह प्रतिदिन की तरह शौच के लिए गांव के पश्चिम दिशा में सरेह की ओर गए थे. इसी दौरान पास के गन्ने के खेत में छिपे एक भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया. भालू के अचानक हमले से बुजुर्ग संभल भी नहीं पाए और जमीन पर गिर पड़े. हमले में सुखल महतो का दायां हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया,वहीं शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं. ग्रामीणों आते देख भालू बुजुर्ग को छोड़कर गन्ने के खेतों के रास्ते जंगल की ओर भाग गया बुजुर्ग की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों को अपनी ओर आते देख भालू बुजुर्ग को छोड़कर गन्ने के खेतों के रास्ते जंगल की ओर भाग गया. इसके बाद परिजनों एवं ग्रामीणों की सहायता से घायल सुखल महतो को आनन-फानन में रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. बुजुर्ग की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेतिया सदर अस्पताल रेफर सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. सुजीत कुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद बुजुर्ग की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेतिया सदर अस्पताल रेफर कर दिया. चिकित्सक के अनुसार भालू के हमले से बुजुर्ग को गहरी चोटें आई हैं,उनका समुचित इलाज आवश्यक है. घटना के बाद गोबर्धना गांव सहित आसपास के आधा दर्जन गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है. ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, लोगों को सतर्क करने तथा भटके हुए भालू को सुरक्षित रूप से जंगल में वापस भेजने की मांग की है. वहीं, ग्रामीणों ने सुबह-शाम खेतों की ओर जाने में सावधानी बरतने की अपील भी की है.
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से भटका भालू, शौच को गए 85 वर्षीय बुजुर्ग पर हमला, घायल
पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर परियोजना से सटे इलाकों में जंगली जानवरों की बढ़ती आवाजाही ग्रामीणों के लिए खतरा बनती जा रही है.
