Bettiah News: बेतिया में दो अधिकारियों पर दुर्व्यवहार और धमकी देने के आरोप का मामला न्यायालय पहुंच गया है. अधिवक्ता कनिष्क मेहता ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में परिवाद दायर किया है.
मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद सीजेएम आनंद कुमार त्रिपाठी ने आरोपों की सत्यता की जांच के लिए जिला प्रशासन से प्रतिवेदन (रिपोर्ट) मांगी है.
अधिवक्ता ने क्या लगाए आरोप?
परिवाद के अनुसार, 25 जुलाई को दोपहर करीब 2 बजे अधिवक्ता कनिष्क मेहता अपने विधि कार्यालय में मुवक्किलों के साथ कानूनी कार्य में व्यस्त थे.
आरोप है कि इसी दौरान दोनों अधिकारी बिना पूर्व सूचना और बिना किसी वैध आधिकारिक दस्तावेज के उनके कार्यालय पहुंचे.
गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि कार्यालय पहुंचने के बाद दोनों अधिकारियों ने कथित रूप से असंसदीय भाषा का प्रयोग किया.
अधिवक्ता का कहना है कि विरोध करने पर उन्हें गाली-गलौज की गई, कार्यालय से बाहर आने की धमकी दी गई और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई.
कोर्ट ने मांगा प्रशासन का पक्ष
मामले पर सुनवाई के बाद सीजेएम ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
फिलहाल न्यायालय ने आरोपों पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है. मामले की आगे की कार्रवाई जिला प्रशासन की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद की जाएगी.
