West Champaran News: नेपाल में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लो (GLOF) के कारण नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने और गंडक नदी में संभावित जलवृद्धि को देखते हुए पश्चिम चंपारण में बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी गयी हैं. शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. इसमें संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, तटबंधों की सुरक्षा और राहत-बचाव की तैयारियों की समीक्षा की गयी.
छह प्रखंडों में NDRF-SDRF हाई अलर्ट
संभावित बाढ़ को देखते हुए बगहा, पिपरासी, मधुबनी, बैरिया, नौतन और ठकराहा प्रखंडों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
टीमों को नाव, लाइफ जैकेट और प्रशिक्षित गोताखोरों के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके.
तटबंधों की 24 घंटे होगी निगरानी
बैठक में अधिकारियों को वाल्मीकिनगर बैराज से छोड़े जाने वाले पानी के डिस्चार्ज और गंडक नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया.
संवेदनशील और अति-संवेदनशील तटबंधों पर जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को तैनात रहने को कहा गया है. उनके पास बालू की बोरियां, बोल्डर और नायलॉन क्रेट जैसी बाढ़ नियंत्रण सामग्री उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है.
राहत सामग्री और दवाओं का स्टॉक तैयार
प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत सामग्री का अग्रिम भंडारण किया है. इसमें चूड़ा, गुड़, ओआरएस, माचिस, पॉलीथिन शीट और शुद्ध पेयजल जैसी आवश्यक सामग्री शामिल है.
सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश की दवा और जलजनित बीमारियों से संबंधित आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है.
शरण स्थलों और सामुदायिक रसोई की तैयारी
निचले और दियारा क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गयी है. चिह्नित उच्च प्राथमिक विद्यालयों और बाढ़ शरण स्थलों को तत्काल उपयोग के लिए तैयार रखने का निर्देश दिया गया है.
जरूरत पड़ने पर सामुदायिक रसोई शुरू कर प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराया जायेगा. पशुओं के लिए भी ऊंचे स्थानों पर राहत शिविर, चारा और टीकाकरण की व्यवस्था करने को कहा गया है.
प्रभावित परिवारों को DBT से मिलेगी सहायता
संभावित बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची को पारदर्शी तरीके से अद्यतन रखने का निर्देश दिया गया है. नियमानुसार जीआर सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजने की तैयारी रखने को कहा गया है.
जिला और प्रखंड स्तर पर आपातकालीन बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने का भी निर्देश दिया गया है.
जन-धन की हानि रोकना सरकार की प्राथमिकता
मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि राज्य सरकार पश्चिम चंपारण के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारियां दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. जन-धन की हानि को शून्य स्तर पर रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
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