मजार पर पारंपरिक सालाना उर्स मेले का समापन

बखरी में सामाजिक सौहार्द के प्रतीक शाह बाबा इस्माइल शाह की मजार पर पारंपरिक सालाना उर्स मेला संपन्न हुआ.

बखरी. बखरी में सामाजिक सौहार्द के प्रतीक शाह बाबा इस्माइल शाह की मजार पर पारंपरिक सालाना उर्स मेला संपन्न हुआ.हालांकि वर्षों से चला आ रहा मेले का सबसे बड़ा आकर्षण कव्वाली मुकाबला इस वर्ष नहीं हो सका.मजार मेला समिति के लोगों ने महिला पुरुष कव्वाली मुकाबले को स्थगित करने के पीछे मजार परिसर में जलजमाव को कारण बताया है.मेला समिति के मो खलील, मो इजहार आलम,मो सद्दाम आदि ने बताया कि जलजमाव के कारण मेला को सादगी से आयोजित करने का निर्णय लिया गया था.इसी के तहत उर्स मेले को संपन्न कराया गया.जहां शाम से ही महिला पुरुष अकीदतमंदों की बड़ी भीड़ यहां जमा थी.फिर उसके बाद फातिहा ख्वानी व चादरपोशी का दौर शुरू हुआ.जिसमें लोगों ने मजार पर अकीदत के फूल चढ़ाए तथा फातिहा पढ़ बाबा के तवस्सुल ( माध्यम बनाते हुए) से खुदा से दुआएं मांगी.चादरपोशी और फातिहा का दौर देर रात तक चलता रहा.मेला में झूला आदि का प्रबंध किया गया था.जिसका मेला घूमने आनेवालों ने खूब लुत्फ उठाया.

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By MANISH KUMAR

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