मंझौल/चेरियाबरियारपुर. एडीजे मंझौल संजय कुमार सिंह की अदालत ने गुरुवार को एसटी नं.136/18 में सजा की बिंदु पर सुनवाई करते हुए छौड़ाही थाना क्षेत्र के सिहमा गांव निवासी पिता कृपाल दास की हत्या में दोषी करार पुत्र रंजीत दास को धारा 302 में आजीवन कारावास एवं 20 हजार जुर्माना की सजा सुनायी है. जानकारी के अनुसार अपर लोक अभियोजक राकेश कुमार ने सजा के बिंदु पर न्यायालय के द्वारा सुनवाई के क्रम में अधिकतम सजा की मांग की. विदित हो कि गत 19 जनवरी 2026 को पिता कृपाल दास के हत्या के मामले में पुत्र रंजीत दास को दोषी करार दिया था. वहीं 29 जनवरी 2026 को सजा के बिंदु पर एडीजे कोर्ट में सुनवाई हुई. ज्ञात हो कि एडीजे मंझौल संजय कुमार सिंह की अदालत ने 19 जनवरी 2026 को एसटी नंबर 136/18 हत्या के एक मामले में खोदावंदपुर थाना ( छौड़ाही ओपी) क्षेत्र के सिहमा गांव निवासी रंजीत दास को पिता के हत्या के मामले में दोषी करार दिया था. विदित हो कि तत्कालीन छौड़ाही ओपी क्षेत्र के सिहमा गांव निवासी संजीव दास की पत्नी राजकुमारी देवी ने अपने भैंसुर रंजीत दास पर कृपाल दास की हत्या का आरोप लगाते हुए खोदावंदपुर थाना (छौड़ाही ओपी) में हत्या की नामजद प्राथमिकी संख्या 186 /17 दर्ज करायी थी. एपीपीपी राकेश कुमार ने बताया कि एफआईआर की सूचिका राजकुमारी देवी ने बताया कि दिनांक 16 नवंबर 2017 को करीब 9:45 बजे रात्रि में मेरे ससुर कृपाल दास खाना खाकर दरवाजे पर सो रहे थे. उसी समय मैंने देखा कि मेरे भैंसुर रंजीत दास तेजधार वाले पघरिया से मेरे ससुर कृपाल दास का गर्दन काट रहा था. उसके बाद मैंने देखा कि मेरे ससुर मृत अवस्था में थे. तथा उनका सर और गर्दन कटा हुआ था. अपर लोक अभियोजक राकेश कुमार ने न्यायालय में सूचिका, अनुसंधानकर्ता पदाधिकारी, डाक्टर सहित कुल नौ गवाहों की गवाही करवायी थी. सभी गवाहों ने घटना का समर्थन किया था. दिनांक 19 जनवरी 2026 को कोर्ट के द्वारा अभियुक्त रंजीत दास को 302 में दोषी पाया गया.
पिता की हत्या के मामले में दोषी पुत्र को आजीवन कारावास की सजा
एडीजे मंझौल संजय कुमार सिंह की अदालत ने गुरुवार को एसटी नं.136/18 में सजा की बिंदु पर सुनवाई करते हुए छौड़ाही थाना क्षेत्र के सिहमा गांव निवासी पिता कृपाल दास की हत्या में दोषी करार पुत्र रंजीत दास को धारा 302 में आजीवन कारावास एवं 20 हजार जुर्माना की सजा सुनायी है.
