बेगूसराय. केंद्र सरकार द्वारा लागू किये गये चार लेबर कोड के खिलाफ मजदूर संगठनों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. इसी क्रम में ट्रेड यूनियनों की संयुक्त बैठक आयोजित की गयी, जिसमें 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल को व्यापक जनआंदोलन का रूप देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया. वक्ताओं ने कहा कि चारों लेबर कोड मजदूरों के वर्षों से अर्जित अधिकारों पर सीधा हमला हैं और इन्हें कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से बनाया गया है. बैठक में 19 जनवरी, 1982 को तमिलनाडु में शहीद हुए मजदूरों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गयी. वक्ताओं ने कहा कि शहीद मजदूरों का बलिदान आज भी संघर्षरत मजदूर वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत है. नेताओं ने जानकारी दी कि 25 जनवरी को रिफाइनरी टाउनशिप स्थित जुबली हॉल में एक विशाल कन्वेंशन आयोजित किया जायेगा. इसमें विभिन्न ट्रेड यूनियन, किसान और जन संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे. कन्वेंशन में चार लेबर कोड, आंगनबाड़ी, आशा, रसोईया कर्मियों पर बढ़ते काम का बोझ, ई-रिक्शा पर लगाये गये प्रतिबंध और सरकार की दमनात्मक नीतियों पर चर्चा होगी. बैठक की अध्यक्षता पूर्व विधायक सूर्यकांत पासवान ने की. वक्ताओं ने मजदूरों, किसानों और आम जनता से 12 फरवरी की हड़ताल को ऐतिहासिक बनाने की अपील की.
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