बेगूसराय में तमिलनाडु के विष्णुपद मंदिर के तर्ज पर बन रहा पंडाल, तेघड़ा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला की तैयारी तेज

Teghra Shri Krishna Janmotsav Fair : बेगूसराय के तेघड़ा में 100वां श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला इस बार बेहद भव्य होगा. देशभर से आए कारीगरों द्वारा बनाए जा रहे आकर्षक पंडाल और खास सजावट इसे शताब्दी वर्ष के लिए यादगार बनाएगी. 4 सितंबर की मध्यरात्रि से शुरू होकर 9 सितंबर तक चलने वाले इस ऐतिहासिक उत्सव का उत्साह चरम पर है.

Teghra Shri Krishna Janmotsav Fair : बेगूसराय के कृष्णधाम के नाम से प्रसिद्ध तेघड़ा में आयोजित होने वाले एशिया के दूसरे ऐतिहासिक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेले की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. करीब तीन किलोमीटर के दायरे में लगने वाले इस मेले के लिए 14 मेला मंडप समितियों की ओर से भव्य पंडाल तैयार कराए जा रहे हैं. शताब्दी वर्ष होने के कारण इस बार मेले में पहले से अधिक आकर्षक सजावट और झांकियां देखने को मिलेंगी.

देशभर से पहुंचे कारीगर बना रहे भव्य पंडाल

पंडाल निर्माण के लिए कलकत्ता, चेन्नई, मुंबई, लखनऊ, देहरादून और छत्तीसगढ़ समेत कई स्थानों से कारीगर तेघड़ा पहुंचे हैं. कारीगर दिन-रात मेहनत कर पंडालों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. पंडालों में बांस, लकड़ी, प्लाई, कपड़े और कृत्रिम फूलों समेत कई तरह की सजावटी सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है.

बांस से तैयार हो रहा आकर्षक तोरणद्वार

इस बार मेले में बांस से तैयार किया जा रहा भव्य तोरणद्वार भी खास आकर्षण का केंद्र रहेगा. पूजा समिति की ओर से बंगाल से करीब 20 सदस्यीय कारीगरों की टीम बुलाई गई है. कारीगर बांस के सहारे तोरणद्वार को आकर्षक रूप दे रहे हैं. इसे एक प्रसिद्ध मंदिर की तर्ज पर सजाया जा रहा है.

तमिलनाडु के विष्णुपद मंदिर की तर्ज पर बन रहा पंडाल

जय हनुमान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला समिति, रजिस्ट्री कार्यालय तेघड़ा की ओर से इस बार विशेष आकर्षण वाला पंडाल तैयार कराया जा रहा है. समिति के अनुसार, पंडाल का निर्माण तमिलनाडु के विष्णुपद मंदिर की तर्ज पर कराया जा रहा है.

राजस्थान और जामताड़ा के कारीगर दे रहे मंदिर का आकार

पंडाल के ढांचे को तैयार करने के लिए राजस्थान और जामताड़ा से कारीगर पहुंचे हैं. वहीं कोलकाता और तमिलनाडु से आए कलाकार पंडाल के अंदर भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी आकर्षक मूर्तियों और सजावट को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. पंडाल तैयार होने के बाद इसके मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होने की उम्मीद है.

4 सितंबर की रात 12 बजे मनाया जाएगा जन्मोत्सव

मेला समिति के अध्यक्ष मणिभूषण प्रसाद सिंह, संजय कुमार सिन्हा, अजय कुमार सिंह, विकास वागीश, मुकेश कुमार और सोहन सिंह आदि ने बताया कि 4 सितंबर की रात 12 बजे रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा. इसके बाद 5, 6, 7, 8 और 9 सितंबर को ऐतिहासिक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेले का आयोजन होगा.

9 सितंबर को होगा प्रतिमाओं का विसर्जन

जन्मोत्सव मेले के समापन के दिन 9 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा. इसके लिए भी समितियों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं.

बिहार के साथ दूसरे राज्यों से भी पहुंचते हैं श्रद्धालु

तेघड़ा का श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मेला केवल बेगूसराय ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार में अपनी अलग पहचान रखता है. हर वर्ष भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकियों और भव्य पंडालों का दर्शन करने के लिए बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.

100 साल पूरे होने पर स्थानीय लोगों में खास उत्साह

इस बार मेले के 100 वर्ष पूरे होने को लेकर स्थानीय लोगों में खास उत्साह है. शताब्दी वर्ष को यादगार बनाने के लिए मेला समितियां पंडाल, झांकियों और सजावट में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहतीं. ऐसे में कृष्णधाम तेघड़ा एक बार फिर भक्ति, आस्था और कला के अद्भुत संगम का गवाह बनने के लिए तैयार है.

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By विकास कुमार

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