बेगूसराय के तेघड़ा ICDS कार्यालय में फर्जीवाड़ा का आरोप, सादे बिल पर बन रहा लाखों का हिसाब

Begusarai ICDS Scam : बेगूसराय के तेघड़ा आईसीडीएस कार्यालय में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां आंगनबाड़ी सेविकाओं से सादे बिलों पर गलत खर्च का ब्यौरा तैयार करवाया जा रहा था। इस अनियमितता के चलते स्थानीय लोगों ने उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Begusarai ICDS Scam : बेगूसराय के तेघड़ा प्रखंड स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गया है. यहां आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा सादे बिलों पर फर्जी तरीके से खर्च का ब्योरा तैयार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. स्थानीय लोगों ने इस पूरे फर्जीवाड़े की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.

निरीक्षण में खुली कार्यालय की पोल

बुधवार को तेघड़ा आईसीडीएस कार्यालय परिसर के निरीक्षण के दौरान एक बड़ा खेल उजागर हुआ. यहां कई आंगनबाड़ी सेविकाएं जमीन और सीढ़ियों पर बैठकर रजिस्टर भरती और विभिन्न दुकानों के सादे बिल तैयार करती पाई गईं. इस दौरान कार्यालय में सीडीपीओ मीरा कुमारी, कई पर्यवेक्षिकाएं और अन्य कर्मी भी मौजूद थे. आरोप है कि कार्यालय के अधिकारियों के निर्देश पर ही सेविकाओं से यह फर्जी बिलिंग का काम कराया जा रहा था.

पत्रकारों को देखकर छिपने लगीं सेविकाएं

कार्यालय में हो रहे इस खेल के दौरान जैसे ही सेविकाओं ने पत्रकारों को देखा, वे अपना रजिस्टर बंद करने लगीं. कुछ सेविकाएं तो कैमरे से बचने के लिए तुरंत वहां से हट गईं. निरीक्षण में यह भी पता चला कि कुछ चुनिंदा दुकानों के सादे बिल पर मनमाने ढंग से खर्च का विवरण भरा जा रहा था. लोगों ने इन बिलों की सत्यता और संबंधित दुकानों के अस्तित्व की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है.

बिल पर दर्ज पते ने खड़े किए कई सवाल

निरीक्षण के क्रम में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 95 की सेविका नीलम कुमारी से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई. उनके पास मौजूद एक बिल पर ऋषभ मोबाइल, अजीत पत्रकार पथ, बरौनी चौक का पता दर्ज मिला. इसे देखकर लोगों ने सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी संख्या में सादे बिल कार्यालय तक कैसे पहुंचे और इनका असली उद्देश्य क्या है. इसके अलावा यह भी आरोप है कि सेविकाओं की जगह उनके पति कार्यालय में बैठकर वसूली का काम करते हैं.

पहले भी लग चुके हैं कमीशनखोरी के आरोप

इस कार्यालय में विवादों का यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लग चुके हैं. पूर्व में नया नगर दुलारपुर स्थित एक बैठक का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक पर्यवेक्षिका पर पोषाहार मद में कमीशन लेने का आरोप लगा था. उस वक्त तत्कालीन एसडीओ तेघड़ा राकेश कुमार ने मामले की जांच भी की थी. हालांकि उस जांच रिपोर्ट को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे लोगों में संदेह बरकरार है.

प्रशासन और विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल

लगातार सामने आ रही इन गंभीर अनियमितताओं के बावजूद संबंधित विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की जोरदार मांग की है. वहीं इस पूरे प्रकरण पर फिलहाल सीडीपीओ मीरा कुमारी या विभाग के किसी अन्य अधिकारी का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका है.

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By Niraj Kumar

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