मंझौल/चेरियाबरियारपुर. एडीजे मंझौल संजय कुमार सिंह की अदालत ने सोमवार को हत्या के मामले में खोदावंदपुर थाना (छौड़ाही ओपी) क्षेत्र के सिहमा गांव निवासी रंजीत दास को दोषी करार दिया. मामले की प्राथमिकी संजीव दास की पत्नी राजकुमारी देवी ने दर्ज करायी थी. उन्होंने आरोप लगाया कि 16 नवंबर, 2017 को रात लगभग 9:45 बजे उनके ससुर कृपाल दास खाना खाने के बाद घर के दरवाजे पर सो रहे थे, तभी उनके भैंसुर रंजीत दास ने तेजधार पघरिया से उनका गला काट दिया. अपर लोक अभियोजक राकेश कुमार ने अदालत में सूचिका, अनुसंधानकर्ता और चिकित्सक सहित सभी गवाहों की गवाही करवायी, जिन्होंने घटना को जघन्य बताते हुए आरोप का समर्थन किया. अदालत ने सोमवार को रंजीत दास को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाया. न्यायालय ने सजा के बिंदु पर अगली सुनवाई 29 जनवरी को निर्धारित की है. दोषी करार की खबर सुनते ही सिहमा गांव और आसपास के लोग सकते में आ गये. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सतर्कता बढ़ा दी है. दोषी की सजा और अगली सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं.
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