अवैध वसूली के विरोध में छोटे वाहन चालकों ने निकाला आक्रोश मार्च

जीरोमाइल में कहीं ऑटो, इ रिक्शा, ठेला, जीप स्कार्पियो या बस पड़ाव आदि की नगर परिषद बीहट द्वारा निर्मित कोई विधिवत व्यवस्था नहीं है, फिर भी वहां नगर परिषद बीहट, वाहन स्टेंड के नाम से टेंडर का बंदोवस्त भी कर दिया गया है.

बेगूसराय. जीरोमाइल में कहीं ऑटो, इ रिक्शा, ठेला, जीप स्कार्पियो या बस पड़ाव आदि की नगर परिषद बीहट द्वारा निर्मित कोई विधिवत व्यवस्था नहीं है, फिर भी वहां नगर परिषद बीहट, वाहन स्टेंड के नाम से टेंडर का बंदोवस्त भी कर दिया गया है तथा आनन फानन में जीरोमाइल गोलंबर से गुजरने वाले सभी प्रकार के छोटे बड़े वाहनों से स्टेंड बैरियर की वसूली शुरू है. इस इस संबंध में ना तो जनता से राय ली गयी ना ही ट्रेड यूनियन संगठनों से विमर्श किया गया. उक्त बातें सीटू से संबद्ध बिहार स्टेट ऑटो चालक संघ और इ रिक्शा चालक संघ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित आक्रोश मार्च के धरनार्थियों को संबोधित करते हुए सीटू बिहार राज्य सचिव साहब बेगूसराय जिला पार्षद अंजनी कुमार सिंह ने कही. उन्होंने कहा कि ट्रेड यूनियन एवं मजदूर आंदोलन के अधिकारों पर हमला किया जा रहा है. मजदूर के जीवन जीने के अधिकार को छीना जा रहा है. दूसरी ओर लोकतंत्र की बुनियाद स्थानीय सरकारों को व्यावसायिक मुनाफा की ओर धकेल कर जनता को लूटने की कवायत तेज कर दी गयी है. आक्रोश मार्च सीटू जिला कार्यालय भवन कपासिया चौक से शुरू होकर हर हर महादेव चौक सुभाष चौक बस स्टेशन ट्रैफिक चौक कचहरी रोड नगर निगम चौक होते हुए समाहरणालय के दक्षिणी द्वार के समीप आक्रोशित प्रदर्शनकारियों की सभा में धरना सभा में तब्दील हो गयी. आक्रोश मार्च का नेतृत्व सीटू बिहार राज्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, बिहार स्टेट ऑटो चालक संघ के अध्यक्ष विजय कुमार रजक, मुकेश पोद्दार, सचिव कोषाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार कुशवाहा, धारो पासवान मनोज पासवान प्रमोद पासवान एक्स सर्विसमैन संगठन नेता एएन झा, बीड़ी मजदूर यूनियन नेता रामविनय सिंह, ललन कुशवाहा, मनोज राय, किशन कुमार, मुकेश झा, कारी महतो आदि कर रहे थे. आक्रोश मार्च में शामिल प्रदर्शनकारी धरनार्थियों ने जीरो माइल चौक पर बैरियर वसूली बंद करने, पूरे जिले में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने, चौक चौराहों पर रंगबाजी टैक्स वसूली पर रोक लगाने, वाहन पड़ाव नहीं तो कोई टैक्स नहीं, पहले सुविधा दो तब टैक्स को का सिद्धांत लागू करने आदि नारे लगा रहे थे. आक्रोशी धरना सभा के अंत में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर प्रशासन से मांग की गयी कि जब तक हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया जायेगा. ऑटो और ई रिक्शा चालक हड़ताल पर रहेंगे. 19 मई तक फैसला नहीं आने पर 20 मई को सड़क जाम आंदोलन के लिए हमलोग सड़क पर उतरने को बाध्य हो जायेंगे.

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By Manish kumar

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