सावित्रीबाई फुले का जीवन संघर्ष, साहस व सामाजिक समानता की प्रेरणा देता है : दिलीप

बखरी में विभिन्न संगठनों की ओर से महात्मा सावित्रीबाई फुले की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई.

बखरी. बखरी में विभिन्न संगठनों की ओर से महात्मा सावित्रीबाई फुले की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई.बहुजन कल्याण समिति के बैनर तले मांगन सदा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रमों में उनके सामाजिक योगदान और महिला शिक्षा के क्षेत्र में किए गए संघर्षों पर विस्तार से चर्चा की गई. इस अवसर पर समिति के संयोजक दिलीप केशरी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन संघर्ष, साहस और सामाजिक समानता की प्रेरणा देता है.इस कार्यक्रम में अधिवक्ता गौरव कुमार, रामसागर पासवान,राधेकृष्ण पासवान,चंद्र किशोर पासवान,उपमुखिया अजित कुमार,सुरेश ठाकुर सहित अन्य लोग मौजूद थे.वहीं दूसरी ओर एक कार्यक्रम की अध्यक्षता धर्मेंद्र कुमार एवं सीपीआई नेता राकेश मालाकार ने संयुक्त रूप से की है.इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सावित्रीबाई फुले भारत की प्रथम महिला शिक्षिका थीं.जिन्होंने ऐसे दौर में महिलाओं के लिए स्कूल खोलने का साहसिक कार्य किया.जब समाज में महिलाओं की शिक्षा को पाप माना जाता था.उन्होंने महिला शिक्षा की अलख जगाकर समाज में क्रांतिकारी बदलाव की नींव रखी.वक्ताओं ने यह भी बताया कि महिलाओं की शिक्षा और सामाजिक सुधार के इस अभियान में उनके पति एवं महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है.इस मौके पर लोगों से सावित्रीबाई फुले की जीवनी पढ़ने और उन पर आधारित फिल्में देखने की अपील की गई.कार्यक्रम में सीपीआई नेता सुरेश सहनी,पूर्व मुख्य पार्षद संगीता राय,जदयू नेता जवाहर राय,कपिल देव शर्मा, हेमंत कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.

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By MANISH KUMAR

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