साहेबपुरकमाल. सत्य शोधक पुस्तकालय के परिसर में सावित्रीवाई फूले की जयंती के अवसर पर उच्च माध्यमिक विद्यालय फूलमलिक के प्रभारी प्राचार्य अल्पना कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया. सभा की अध्यक्षता करते हुए संस्थापक वीरू कुमार ने किया. इस अवसर पर अल्पना कुमारी ने सावित्रीबाई फुले की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि आज भी हमारे समाज में महिलाओं को हक अधिकार के लिए घर के अंदर रखे हुए हैं फिर भी हमारे समाज के महिला विभिन्न विभाग में पदस्थापित है आज उन्हीं की देन है मुझे भी इनकी जयंती पर दीप प्रज्वलित करने का मौका मिला. आज महिला देश की रक्षा एवं सुरक्षा में अपनी भागीदारी पुरुषों से अधिक आबादी पर पद स्थापित है. सामाजिक कार्यकर्ता नन्ददेव कुमार ने कहा सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 ई में महाराष्ट्र के नया गांव में हुआ था. सावित्रीबाई की शादी कम उम्र में ज्योतिबा फुले से कर दी गई. उनकी पढ़ाई के लिए ज्योतिबा बाई फुले ने पूरे सहयोग किया. जिस समय महिलाओं को घर से निकलना मुश्किल था उस समय उन्होंने खुली छूट देकर सावित्रीबाई फुले को अपने समाज के बालक,बालिकाओं को पढ़ने पर जोर दिया. लोगों ने सावित्रीबाई फुले के ऊपर तरह-तरह की बात छिड़ी और पत्थर ,गोबर, कीचड़ भी शरीर पर फेक फिर भी पीछे नहीं हटे.बाल विवाह, महिला के साथ अत्याचार, जाति व्यवस्था, छुआछूत का भावना, विधवा महिला के साथ होने वाले अत्याचार को चुनौतियां दी थीं. इस मौके पर गोपेश कुमार यादव, नन्ददेव कुमार, विंदेश्वरी दास, शेखर कुमार, फाइटर कुमार, हिटलर कुमार, प्रेम कुमार, संचालक काजल कुमारी आदि उपस्थित थे.
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