Begusarai News : गंगा नदी के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी होने से जिले के आठ प्रखंडों में बाढ़ का संकट गहरा गया है. पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में करीब 80 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है. इसका सबसे अधिक असर शाम्हो प्रखंड के दियारा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है, जहां गंगा और क्यूल नदी के उफान ने करीब 50 हजार की आबादी को बाढ़ के संकट में डाल दिया है.
शाम्हो की कई मुख्य सड़कें हुईं बाधित
जलस्तर बढ़ने के कारण अकहा, कुरहा, सोनबरसा, तीलाठी, नयाकुरहा, धनहा और टोटहा जाने वाली मुख्य सड़कें पूरी तरह बाधित हो गयी हैं. इसके अलावा बिजुलिया-सोनबरसा से धनहा जाने वाले रास्ते पर भी पानी फैल गया है. पथलाटोल-जगन सैदपुर जाने वाली मुख्य सड़क पर तीन फीट से अधिक पानी बह रहा है, जिससे आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है. ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र का मुख्य मार्ग अभी भी अधूरा है.
फसल डूबने से किसानों और पशुपालकों की बढ़ी चिंता
बाढ़ का पानी ग्रामीण इलाकों में तेजी से फैलने के कारण लोगों में दहशत का माहौल है. खेतों में पानी भर जाने से बड़ी मात्रा में फसलें डूब गयी हैं. इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है. वहीं, पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे और सुरक्षित स्थान की समस्या भी बढ़ गयी है. ग्रामीणों को आशंका है कि स्थिति और बिगड़ी तो नेपाल जैसी त्रासद स्थिति का सामना करना पड़ सकता है.
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बिजली और राहत सामग्री दुरुस्त रखने की मांग
शाम्हो प्रखंड में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है. पूर्व मुखिया राजेश कुमार बेटू, भाकपा अंचल मंत्री अशोक कुमार सिंह, भाकपा नेता सुमन कुमार और सरपंच दिलीप कुमार ने जिला प्रशासन से संकट की इस घड़ी में बिजली व्यवस्था और राहत सामग्री को दुरुस्त रखने की मांग की है. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की परेशानी कम करने के लिए प्रशासन को पहले से आवश्यक तैयारियां रखनी चाहिए.
प्रशासन ने कहा, स्थिति पर रखी जा रही नजर
राहत और बचाव कार्यों को लेकर अंचलाधिकारी रजनीश कुमार ने बताया कि पानी का स्तर बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार है. वहीं, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंचायत समिति सदस्य रविश कुमार और उपप्रमुख प्रतिनिधि राजेश सिंह ने जिला प्रशासन से लगातार सतर्क रहने और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहने की मांग की है.
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पांच नावों से कराया जा रहा आवागमन
बाढ़ के कारण सड़क संपर्क बाधित होने वाले इलाकों में प्रशासन की ओर से पांच नावों का परिचालन कराया जा रहा है. इससे प्रभावित गांवों के लोग आवश्यक कार्यों के लिए सुरक्षित तरीके से आवागमन कर पा रहे हैं. प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
बच्चों और पशुपालकों को सावधानी बरतने की अपील
थानाध्यक्ष सत्यव्रत सिंह ने मवेशी रखने वाले किसानों और स्नान करने वाले लोगों से पूरी सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यह आपदा की घड़ी है, इसलिए सभी लोग सतर्क रहें और अपने बच्चों को सुरक्षित रखते हुए पानी से दूर रखें.
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