एचआइवी एड्स की रोकथाम के लिए किये जा रहे कार्यों की हुई समीक्षा
बेगूसराय. एचआइवी एड्स की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन एवं बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के द्वारा बिहार के सभी जिलों में उच्च जोखिम समूहों की पहचान के लिए पी-एमपीएसइ कार्यक्रम के संचालन की जवाबदेही राज्य में संचालित लक्षित हस्तक्षेप परियोजना को दी गयी है. इस क्रम में बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति द्वारा बेगूसराय, समस्तीपुर, सहरसा एवं सुपौल जिलों में उक्त कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है. बेगूसराय जिला के कार्यक्रम की प्रगति के लिए आज बिहार ग्रामीण जागरूकता अभियान समिति के कार्यालय में एक समीक्षा बैठक संस्था के कार्यपालक निदेशक इं कौशलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई. बैठक में अब तक के किए गए कार्यों की समीक्षा की गई तथा शीघ्र इसे पूरा करने का निर्णय लिया गया. बैठक के दौरान ही सॉफ्टवेयर में आने वाली समस्याओं का समाधान नाको के पदाधिकारी से दूरभाष पर संपर्क कर किया गया. जिले में एचआइवी नियंत्रण के क्षेत्र में कार्य करने वाली एडेंट, जीपीवीएस के कार्यकर्ताओं ने अपने कार्य क्षेत्रों में उच्च जोखिम समूहों की पहचान करने में सहयोग की बात कही है. इस कार्य की सुगमता के लिए एक प्रपत्र विकसित किया गया है. कैचमेंट एरिया का कार्य पूरा कर लिया गया है. अब नन कैचमेंट एरिया का कार्य विभिन्न भाग्य के सहयोग से प्रारंभ किया जा रहा है. समीक्षा बैठक में विशाखा कुमारी, राजीव कुमार, अवनीश कुमार, सुजीत कुमार, सच्चिदानंद ठाकुर, अभिषेक कुमार, लक्ष्मी देवी, ओंकार सिंह, रीता देवी, मुकेश कुमार आदि ने अपना विचार व्यक्त किया.
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