भगवानपुर पीएचसी में मोबाइल के टॉर्च की रोशनी में मरीजों का होता है इलाज

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को दोपहर सरकारी दावों की पोल खुल गयी है. जहां दिन के उजाला में मोबाइल का टॉर्च जलाकर गंभीर रूप से घायल युवक को चिकित्सकों द्वारा उसके सर में टांका लगाने का मामला प्रकाश में आया है.

भगवानपुर. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को दोपहर सरकारी दावों की पोल खुल गयी है. जहां दिन के उजाला में मोबाइल का टॉर्च जलाकर गंभीर रूप से घायल युवक को चिकित्सकों द्वारा उसके सर में टांका लगाने का मामला प्रकाश में आया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार भगवानपुर निवासी एक युवक को मारपीट मामले में उसके सर में गंभीर चोट आ गई, जिससे उसका सिर फट गया था. लहू लुहान अवस्था में उसके परिजनों द्वारा पीएचसी इलाज के लिए लाया गया. जहां पीएचसी के चारों तरफ अंधेरा ही अंधेरा छाया हुआ था. शोर मचाने पर चिकित्सक बाहर आये, और गंभीर स्थिति में घायल युवक को देखकर आनन -फानन में आयुष डॉक्टर किरण कुमारी, एएनएम श्वेता कुमारी व एनएमआर रानी कुमारी अपने सहयोगियों के साथ मोबाइल का टॉर्च जलाकर उसका इलाज शुरू कर घायल युवक के सिर में टांका देते हुए देखे गये. जिससे पीएचसी के व्यवस्था में घोर लापरवाही प्रतीत हो रहा है. अंधेरे में टॉर्च की रोशनी पर उक्त युवक के सर में टांका लगाना चिकित्सकों की भी घोर लापरवाही सामने आ रही है. जो सरकारी व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल उत्पन्न कर रही है. विदित हो कि उक्त अस्पताल में मरीजों के सुविधा के लिए विद्युत आपूर्ति सहित जनरेटर की व्यवस्था भी की गयी है. लेकिन संवेदक के द्वारा जनरेटर संचालन को लेकर एक महिला को रखा गया है, जिसे विद्युत संबंधित कोई जानकारी नहीं है. जिससे पीएचसी में किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रही है. वहीं उक्त मामले को लेकर भाकपा अंचलमंत्री अशोक राय, राजद प्रखंड अध्यक्ष रणधीर वर्मा, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष यशवंत चौधरी ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि पीएचसी प्रबंधन की लापरवाही के वजह से इस तरह का मामला सामने आया है. चिकित्सकों के द्वारा भी मरीजों के साथ खिलबाड़ किया जा रहा है. अंधेरे में किसी मरीज के सर में टांका लगाना चिकित्सकों के द्वारा घोर लापरवाही दर्शाता है. ऐसे लापरवाह चिकित्सकों व प्रबंधक के विरुद्ध उचित करवाई की जाए. वहीं उक्त मामले को लेकर पीएचसी प्रबंधक आशुतोष गांधी ने बताया कि जनरेटर ऑपरेटर बैंक से पैसा निकासी करने के लिए गए हुए थे, जैसे ही सूचना प्राप्त हुई की बिजली कट गयी है. पांच मिनट के अंदर वह पीएससी उपस्थित हो गयी और जनरेटर चलाकर बिजली पुनः बहाल कर दिया गया. साथ ही उन्होंने कहा कि महिला जेनरेटर संचालक रहने से परेशानी होती है. मैं पूर्व में भी जानकार विद्युत कर्मी को रखने को लेकर संवेदक को हिदायत दिया था. आगे ससमय विद्युत संबंधित जानकार जनरेटर संचालक नहीं देने पर संवेदक के विरुद्ध वरीय पदाधिकारी को लिखा जायेगा.

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By MANISH KUMAR

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