राष्ट्रीय लोक अदालत आज, 20 बेंचों पर किया जायेगा मामलों का निबटारा

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बेगूसराय के तत्वावधान में शनिवार को द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा.

बेगूसराय. जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बेगूसराय के तत्वावधान में शनिवार को द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा. राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिला प्रशासन, न्यायिक पदाधिकारियों एवं विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बेगूसराय ऋषिकांत के निर्देश पर जिले में कुल 20 बेंचों का गठन किया गया है. जहां विभिन्न प्रकार के मामलों का निष्पादन आपसी समझौते के आधार पर किया जायेगा. राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सुबह 10:30 बजे से सिविल कोर्ट परिसर बेगूसराय, गांधी स्टेडियम, तेघड़ा, मंझौल, बलिया, बखरी अनुमंडलीय न्यायालय तथा रेलवे कोर्ट बरौनी में किया जायेगा. लोक अदालत के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन की दिशा में विशेष पहल की जा रही है. इस दौरान सिविल वाद, आपराधिक समझौतावादी मामले, मोटर वाहन दुर्घटना दावा मामले, वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, बैंकिंग एवं ऋण वसूली मामले, बिजली विभाग, बीएसएनएल, राजस्व, भूमि अधिग्रहण, ट्रैफिक चालान तथा अन्य समझौतावादी मामलों का निष्पादन किया जाएगा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार अलग-अलग श्रेणी के मामलों के लिए अलग-अलग विशेष बेंच गठित किए गए हैं. बेगूसराय सदर न्यायालय में पारिवारिक विवाद, उपभोक्ता फोरम से संबंधित मामले, ग्राम कचहरी, बैंकिंग विवाद, ट्रैफिक चालान एवं विद्युत विभाग से जुड़े मामलों की सुनवाई होगी. वहीं अनुमंडलीय न्यायालयों में भी विशेष बेंच बनाकर मामलों के निष्पादन की व्यापक व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन एक ही दिन में किया जा सके. लोक अदालत को सफल एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, सहायक कर्मियों, ऑर्डरली, पीएलवी (पैरा लीगल वॉलेंटियर) एवं अधिकार मित्रों की प्रतिनियुक्ति की गई है. आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिविल कोर्ट परिसर एवं गांधी स्टेडियम में हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया है जहां पीएलवी एवं अधिकार मित्र उपस्थित रहकर लोगों को आवश्यक जानकारी, सहायता एवं संबंधित बेंच तक पहुंचाने का कार्य करेंगे. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव करुणा निधि प्रसाद आर्य ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय पाने का सरल, सुलभ एवं कम खर्चीला माध्यम है. उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मामलों का निष्पादन आपसी समझौते के आधार पर किया जाता है, जिससे न केवल वर्षों पुराने विवाद समाप्त होते हैं बल्कि न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है. उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में राष्ट्रीय लोक अदालत में पहुंचकर अपने लंबित मामलों का निष्पादन कराएं और इस अवसर का लाभ उठाएं. उन्होंने आगे कहा कि लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होता है तथा इसके विरुद्ध सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं रहता है. साथ ही, मामलों के निष्पादन में कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है, जिससे लोगों को आर्थिक रूप से भी राहत मिलती है. राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से सभी पीएलवी एवं अधिकार मित्रों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. सचिव करुणा निधि प्रसाद आर्य ने निर्देश देते हुए कहा कि जिन पीएलवी एवं अधिकार मित्रों की ड्यूटी लगाई गई है, वे सभी 9 मई को सुबह 8 बजे तक जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय में उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे, ताकि समय पर सभी व्यवस्थाएं संचालित की जा सके. इस अवसर पर डीएलएसए कर्मी इंद्रसेन शर्मा, सौरभ कुमार, उदय कुमार, संगम मिश्र, शशि कुमार, पत्रकार सह अधिकार मित्र हरेराम दास, हाइकोर्ट के अधिवक्ता दीपक कुमार, ग्रीन वैली स्कूल के निदेशक राजा कुमार सहित अन्य उपस्थित थे.

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By MANISH KUMAR

MANISH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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