बेगूसराय. एनएच-31 फोरलेन पर लाखो थाना क्षेत्र के पनसल्ला ढ़ाला के समीप नौ अप्रैल को कबाड़ कारोबारी बलिया थाना क्षेत्र के बड़ी बलिया निवासी रामाशीष पोद्दार के पुत्र राहुल पोद्दार उर्फ अनुज (37) की हत्या मामले का उद्भेदन पुलिस ने कर दिया. पुलिस ने हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनके पास से लूटा गया 1,60,100 रुपये भी बरामद कर लिया गया है. एसपी मनीष ने बताया कि राहुल एक बैग में पांच लाख रुपया लेकर बाइक से बेगूसराय से साढू सिकंदर पोद्दार के साथ अपने घर बलिया जा रहा था. रास्ते में पनसल्ला ढाला के नजदीक एक बाइक पर सवार तीन अपराधियों ने ओवरटेक कर इनकी बाइक को रुकवाते हुए गोली मार दी तथा रुपये सहित बैग को लेकर भाग गए थे. सदर-वन डीएसपी सुबोध कुमार के नेतृत्व में लाखो थाना की पुलिस टीम एवं जिला आसूचना इकाई द्वारा टेक्निकल सर्विलांस एवं सूचना-आसूचना संकलन किया जा रहा था. इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि तीन अपराधी एक बाइक से हथियार-गोली के साथ पनसल्ला की ओर जा रहा है. सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए पनसल्ला के समीप बाइक पर सवार तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया. पूछताछ में इन लोगों ने अपना नाम बलिया थाना क्षेत्र के दनौली फुलवड़िया निवासी शैलेश कुमार एवं रामलगन कुमार तथा बड़ी बलिया निवासी शुभम कुमार बताया. इन लोगों के पास से एक देसी कट्टा, 6 गोली, 1500 रुपये एवं बाइक बरामद किया गया. पूछताछ में इन लोगों ने एक अन्य सहयोगी साथी के साथ मिलकर राहुल पोद्दार की हत्या एवं लूट में संलिप्तता स्वीकार कर लिया. बताया कि घटना के बाद हथियार बलिया थाना क्षेत्र के एक बगीचे में छुपाया गया है. रुपया का बंटवारा खगड़िया जिला के ननकु टोला स्थित बांध के समीप करके बाइक को खगड़िया के गंगौर स्थित रिश्तेदार के यहां छुपाया गया है. पूछताछ में मिले इनपुट पर दनौली फुलवड़िया आरोपी शैलेश कुमार के घर से लूटे गए रुपये में से 1 लाख 58 हजार 600 बरामद किया गया. जयंती पेट्रोल पंप के सामने एक बगीचा स्थित झाड़ी के पास से मिट्टी में काला प्लास्टिक में छुपाकर रखा गया घटना में प्रयुक्त एक देसी कट्टा एवं 2 गोली बरामद किया गया. इसके बाद घटना के समय प्रयुक्त बाइक आरोपी रामलगन कुमार के रिश्तेदार के घर गंगौर से बरामद किया गया. एसपी मनीष ने बताया कि राहुल पोद्दार उर्फ अनुज के ग्रामीण और रिश्ते में साढू सिकंदर पोद्दार को पैसा की आवश्यकता थी. इसलिए उसने अपने बेटे शुभम कुमार के माध्यम से अपराधियों से संपर्क किया. 9 अप्रैल को राहुल जब बेगूसराय से पैसा लेकर चला तो सिकंदर साथ में था. उसने लाइनिंग किया और अपराधी बलिया की ओर से बाइक से आए तथा टोल प्लाजा से पहले ही रुक कर इंतजार कर रहे थे. यह दोनों बाइक से पनसल्ला ढ़ाला के समीप पहुंचे की बाइक रोककर रुपया लूटने का प्रयास किया. रुपया लूटने के दौरान शुभम को लगा कि राहुल ने पहचान लिया है, इसलिए गोली मार दी. सीसीटीवी में नहीं आ जाएं, इसलिए एनएच के बदले बांध के रास्ते से यह लोग खगड़िया जिला भाग गए. घटना के बाद जब साथ में चल रहे सिकंदर पोद्दार को उठाया गया तो पूछताछ में उसने कुछ खुलासा किया और उसी दिन से जांच चल रही थी. बरामद कैश का गड्डी उसी तरह से, शेष पैसा इन लोगों ने खर्च कर दिया. प्रेसवार्ता में बलिया थानाध्यक्ष, लाखो थानाध्यक्ष एवं डीआइयू की टीम उपस्थित थी.
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