सहरसा सदर अस्पताल में प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार अभिषेक के साथ कवरेज के दौरान हुई कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के विरोध में बेगूसराय के बखरी में आक्रोश फूट पड़ा. अनुमंडल पत्रकार संघ बखरी के नेतृत्व में बुधवार शाम एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया. हाथों में जलती मोमबत्तियां थामे पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग उठाई.
महादेव स्थान से अंबेडकर चौक तक गूंजी न्याय की आवाज
कैंडल मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए विरोध सभा में तब्दील हुआ:
- सड़कों पर भ्रमण: विरोध मार्च महादेव स्थान चौक से शुरू होकर मुख्य बाजार के विभिन्न रास्तों से गुजरते हुए अंबेडकर चौक पहुंचा.
- सभा का आयोजन: अंबेडकर चौक पर पहुंचकर कैंडल मार्च एक जनसभा में बदल गया, जहां वक्ताओं ने पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान को लेकर अपने विचार रखे.
- घटना की पृष्ठभूमि: 12 सितंबर को सहरसा सदर अस्पताल में मिड-डे मील खाकर बीमार हुए बच्चों की रिपोर्टिंग करने पहुंचे पत्रकार अभिषेक के साथ अस्पताल के कुछ चिकित्सकों और कर्मियों द्वारा कथित रूप से मारपीट व अभद्रता की गई थी, जिससे पूरे राज्य के मीडियाकर्मियों में रोष है.
'सवाल पूछना अपराध नहीं': पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग
सभा में पत्रकार संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में व्यवस्था पर सवाल खड़े किए.
"लोकतंत्र में सवाल पूछना किसी पत्रकार का अपराध नहीं, बल्कि समाज और जनता के प्रति उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है. समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों को डराने-धमकाने और मारपीट करने की घटनाओं पर अविलंब रोक लगनी चाहिए. सहरसा की घटना में संलिप्त डॉक्टरों और कर्मियों पर अविलंब एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए. साथ ही सरकार से मांग है कि निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून तुरंत लागू किया जाए." — सुमन झा (अध्यक्ष) एवं प्रदीप झा (सचिव), अनुमंडल पत्रकार संघ, बखरी
सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिया समर्थन
पत्रकारों के इस न्याय मार्च को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हर वर्ग का व्यापक समर्थन मिला:
- दलों की एकजुटता: कैंडल मार्च में राजद, जदयू, भाजपा, कांग्रेस, सीपीआई, लोजपा, सपा और जन सुराज सहित विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के प्रमुख नेता एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले.
- प्रमुख चेहरों की उपस्थिति: जिला परिषद सदस्य अमित कुमार देव, मनोहर केसरी, दिलीप केसरी, सुरेश सहनी, जितेंद्र जीतू, सुनील कुमार, जवाहर राय, रामबली महतो, नीरज राय, निशांत कुमार, पार्षद मधुसूदन महतो, समीर श्रवण, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि राजू कुशवाहा, सिधेश आर्य, नीरज नवीन, अमरनाथ पाठक, पंकज पासवान, सुमनजीत सुमन, कमलेश कंचन, रामचंद्र सहनी, तुफैल अहमद खान और अंकुल सिंह सहित दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे.
