नववर्ष पर उमंगों के बीच पर्यटकों से गुलजार होगा जयमंगलागढ़ कांवर झील

चतुर्दिक घिरी प्रकृतिक छटा के लिए प्रसिद्ध जिले का एकलौता रमणिक स्थल जयमंगलागढ़ कांवर झील नववर्ष के स्वागत में पर्यटकों की धमक से गुलजार होगा. इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई है.

By MANISH KUMAR | December 31, 2025 9:42 PM

मंझौल/चेरियाबरियारपुर. चतुर्दिक घिरी प्रकृतिक छटा के लिए प्रसिद्ध जिले का एकलौता रमणिक स्थल जयमंगलागढ़ कांवर झील नववर्ष के स्वागत में पर्यटकों की धमक से गुलजार होगा. इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई है. लेकिन सरकार की उपेक्षा का शिकार यह रमणिक स्थली अपनी अस्मिता की रक्षा के लिए तरस रही है. कांटों के बीच अतीत की यादें परोसती काबर झील प्रत्येक वर्ष 01 जनवरी को पर्यटकों को लुभाती आ रही है. इसबार एक लाख लोगों के आगमन की तैयारी में अनुमंडल प्रशासन ने तैयारी की है. कांवर की गोद में माता जयमंगला की मंदिर है. जिसके संबंध में अनेकों किवंदतियां है. हिन्दू धर्मावलम्बी इसे सिद्धपीठ मानते हैं. तंत्रविद्या सिद्धि का यह उपयुक्त स्थली है. साधना के लिए मंगलवार और शनिवार के दिन उपयुक्त माना गया था. आज भी यहां पर उस दिन ख़ास तौर से पूजा-पाठ का विधि-विधान है. इस खास दिन क्षेत्र से सैकड़ों की संख्या में लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. सूत्रों की मानें तो बौद्ध धर्मावलम्बी इसे बौद्ध स्थल मानते हैं. तथा बौद्ध साहित्य में भगवान बुद्ध के परिभ्रमण के क्रम में यहां आगमन का आख्यान है. उन्होंने 22 घंटों का विश्राम लिया था. इतिहासवेत्ता इसे पालवंशियों का किला बताते हैं. इससे जुङे नौलागढ़ में राजमहल, वीरपुर-बरैपुरा में शासन केन्द्र तथा जयमंगलागढ़ में धार्मिक केन्द्र बताया जाता है. जहां पूर्व में नावों से आवागमन का साधन था.

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 21 जगहों पर पुलिस व मजिस्ट्रेट की हुई तैनाती

एसडीओ मंझौल प्रमोद कुमार ने बताया कि नव वर्ष के अवसर पर जय मंगला गढ़ में पूजा अर्चना करने के लिए श्रद्धालु एवं कावर झील एवं वन क्षेत्र में पिकनिक मनाने उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 21 स्थानों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई है. ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए नव वर्ष के दिन मंझौल गढ़पुरा पथ पर भारी वाहनों के आवाजाही पर रोक रहेगी. गढ़पुरा की ओर से आने वाले यात्री वाहनों का रूट डायवर्ट करते हुए एग्जिट महेशवारा होकर होगा. वहीं नित्यानंद चौक से महुआ मोर तक वन वे लागू रहेगा. नौकायन पर रोक रहेगी. चोरी छुपे नौकायन करने वाले नाविकों को वर्ष भर नाव संचालन पर रोक लगाया जाएगा. ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बाइक एवं वाहन पार्किंग स्टैंड की व्यवस्था की गई है. चौपहिया वाहनों के लिए 40 रु तथा बाइकों के लिए 20 रू पार्किंग शुल्क प्रशासन के द्वारा विचार परामर्श के बाद निर्धारित किया गया है. रोड पर बाइक या वाहन लगाने वालों को जुर्माना किया जाएगा. एवं क्रेन से वाहन एवं वाइको को उठा लिया जाएगा. जय मंगला गढ़ मंदिर परिसर में छः शौचालय की व्यवस्था है. गंदगी को साफ करने के लिए चेरिया बरियारपुर बीडीओ को निर्देश दिया गया है. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दो मजिस्ट्रेट के साथ महिला एवं पुरुष पुलिस बल को लगाया गया है. मंदिर परिसर में कंट्रोल रूम, स्वास्थ्य कैंप व एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है. नित्यानंद चौक, खूटन, महुआ मोड़, हरसाइन एवं गढ़खौली आदि स्थानों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है.

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